ईरान के नए सर्वोच्च नेता चुने गए मुजतबा खामेनेई
नई दिल्ली । डेस्क: ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्ला अली खामेनेई के 56 वर्षीय बेटे मुजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है. ईरान की 'असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने आधिकारिक तौर पर मुजतबा को उनके पिता के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया है.
मुजतबा खामेनेई को शासन तंत्र में एक शक्तिशाली लेकिन पर्दे के पीछे रहने वाली शख्सियत माना जाता है, जिनका दबदबा उनके पिता द्वारा स्थापित किए गए व्यापक नेटवर्क और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के साथ उनके गहरे संबंधों पर टिका है.
यह नियुक्ति एक अत्यंत संवेदनशील और संकटपूर्ण समय में हुई है, जब हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नामक हवाई हमलों में आयतुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी.
ईरानी सरकार की रिपोर्टों के अनुसार, 28 मार्च को हुए इन हमलों में न केवल सर्वोच्च नेता, बल्कि मुजतबा खामेनेई की पत्नी ज़हरा अदेल, उनकी माँ मंसूरेह खोजस्ते बागेरज़ादेह और उनके एक पुत्र की भी जान चली गई.
गौरतलब है कि मुजतबा हुसैनी खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं, जिनका जन्म 1969 में मशहद में हुआ था. उन्हें ईरानी सत्ता के गलियारों में एक अत्यंत प्रभावशाली लेकिन रहस्यमयी शख्सियत माना जाता है, जो सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रहकर पर्दे के पीछे से शासन की कमान संभालने के लिए जाने जाते हैं.
मुजतबा की सबसे बड़ी ताकत 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) और देश के खुफिया तंत्र पर उनकी मजबूत पकड़ है, जिसके कारण उन्हें लंबे समय से अपने पिता के स्वाभाविक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है.
उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भी हिस्सा लिया था और बाद में धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर 'हुज्जतुल इस्लाम' की पदवी हासिल की.
उन पर अक्सर अपने पिता के कार्यालय (बैत-ए-रहबरी) के माध्यम से देश की रणनीतिक नीतियों और प्रदर्शनों के दमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप लगते रहे हैं.