रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला: 12 की मौत, 300 घायल
रियाद । डेस्क: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक भीषण मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. घायलों में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है. यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूति विद्रोहियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है.
घरेलू उड़ानों के टर्मिनल 3 और 4 को बनाया गया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिसाइल सीधे हवाई अड्डे के उस परिसर पर जाकर गिरी जहां घरेलू उड़ानों के लिए टर्मिनल 3 और 4 स्थित हैं. नागरिक उड्डयन अधिकारियों का कहना है कि यह हमला पूरी तरह नागरिक बुनियादी ढांचे पर किया गया है, क्योंकि इस क्षेत्र में कोई सैन्य सुविधाएं मौजूद नहीं हैं. मारे गए लोगों में चार सऊदी नागरिकों के अलावा बांग्लादेश, मिस्र, अमरीका, जॉर्डन, सीरिया, सूडान और फलस्तीन के नागरिक शामिल हैं. सऊदी प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं और घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दिए सैन्य कार्रवाई में शामिल होने के संकेत
इस घटना के तुरंत बाद वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका देश सऊदी अरब द्वारा हूति विद्रोहियों पर किए जाने वाले जवाबी हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है. ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि परिस्थिति का त्वरित आकलन किया जा रहा है और अमरीका जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लेगा. इस हमले के बाद सऊदी अरब पर अपने वैश्विक सहयोगियों, विशेषकर अमरीका से अधिक सैन्य सहायता प्राप्त करने का दबाव बढ़ गया है.
सऊदी अरब में हवाई सेवाएं ठप्प, विदेशी एयरलाइंस ने रोकीं उड़ानें
हमले के बाद किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है. एयरलाइंस ने रियाद आने-जाने वाली उड़ानों को अन्यत्र डायवर्ट कर दिया है या अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. एयर इंडिया, ल्युफ्थांसा, फ्लाईदुबई और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत कई अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं. अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर हवाई अड्डे के आसपास न जाने की चेतावनी दी है.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक प्रयास
वर्ष 2022 के युद्धविराम के बाद से दोनों पक्षों के बीच जारी शांत माहौल इस साल फिर से हिंसक झड़पों में बदल गया है. हूति विद्रोहियों का लक्ष्य अब सऊदी अरब के आर्थिक और विमानन ढांचे को नुकसान पहुंचाना बन गया है. इस बीच, सऊदी अरब ने बढ़ते संकट के बीच अपने सहयोगियों से हवाई रक्षा सहायता मांगी है. ओमान जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी है, ताकि क्षेत्र में जारी इस खतरनाक तनाव को कम करने का कोई शांतिपूर्ण रास्ता निकाला जा सके.