शराब घोटालाः कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया गिरफ्तार
शराब घोटाला मामले में कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया गिरफ्तार
रायपुर | संवाददाताः बहुचर्चित झारखंड शराब घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी की टीम ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई झारखंड एसीबी की टीम ने की है. अब उसे रांची एसीबी कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है.
शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया पर आरोप है कि झारखंड में शराब नीति को प्रभावित करने और अनियमितताओं को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई है.
साल 2022 में लागू उत्पाद नीति में सिंघानिया की सक्रिय भूमिका थी. उसने झारखंड की खुदरा शराब दुकानों में मैनपॉवर आपूर्ति का ठेका लिया था.
बाद में विवादों में आने के बाद राज्य सरकार ने उसकी प्लेसमेंट एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करते हुए बाहर कर दिया था.
एसीबी की टीम ने सिद्धार्थ सिंघानिया को 11 जून 2025 को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था.
उन्हें रांची स्थित एसीबी मुख्यालय में उपस्थित होने निर्देशित किया गया था, लेकिन इस समन का उसने पालन नहीं करते हुए जांच में सहयोग नहीं किया.
इसके बाद एसीबी की विशेष अदालत ने 12 जून 2025 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
झारखंड एसीबी की सातवीं गिरफ्तारी
शराब घोटाला केस में झारखंड एसीबी की यह सातवीं गिरफ्तारी है. इससे पहले उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग प्रधान सचिव आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश, संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था.
इसके अलावा पूर्व महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सह अभियान सुधीर कुमार और प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन इन्नोवेटिव के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को एसीबी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं.
झारखंड सरकार को करोड़ों का नुकसान
झारखंड शराब घोटाला मामले में एसीबी की जांच ने पिछले कुछ महीनों में तेजी पकड़ी है.
यह घोटाला शराब की बिक्री, लाइसेंसिंग, सप्लाई और बिलिंग में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है.
इस अनियमितताओं के कारण झारखंड सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है.
जांच में पाया गया कि शराब नीति को लागू करने में छत्तीसगढ़ के कारोबारियों का एक सिंडिकेट सक्रिय था.
जिसमें सिद्धार्थ सिंघानिया की कथित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका थी.
डायरी में मिले कई सुराग
ज्ञात हो कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने अक्टूबर 2024 में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान सिंघानिया के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी.
जहां एक डायरी बरामद हुई थी. इस डायरी में झारखंड के शराब कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे.
झारखंड शराब घोटाले की पूरी कहानी छत्तीसगढ़ में लिखी गई थी.
छत्तीसगढ़ का शराब सिंडिकेट झारखंड में शराब नीति लागू करवाने की साजिश में शामिल थे.