निर्वाचन आयोग है या मोदी जी की कठपुतली?- खड़गे
निर्वाचन आयोग है या मोदी जी की कठपुतली?- खरगे
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) को लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "कठपुतली" बन गया है.
खड़गे ने दावा किया कि बिहार में 65 लाख मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, खासकर गरीब, हाशिये पर रहने वाले और अल्पसंख्यक समुदायों को, जो भाजपा शासन से तंग आकर कांग्रेस को वोट दे सकते हैं.
उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदाताओं के साथ "छेड़छाड़" का आरोप लगाते हुये कहा, "महाराष्ट्र में एक छोटे से हॉस्टल के कमरे में नौ मतदाता और एक हॉस्टल में नौ हजार मतदाता कैसे हो सकते हैं? यह निर्वाचन आयोग है या मोदी जी की कठपुतली?" खड़गे ने कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के साथ हेरफेर का सबूत होने का भी दावा किया.
'संवैधानिक चुनौतियां - दृष्टिकोण और रास्ते' सम्मेलन में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि संविधान खतरे में है और भाजपा शासन में इसे बदलने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा, "अगर 2024 के चुनाव में भाजपा को 400 सीटें मिली होतीं, तो वे संविधान बदल देते. लेकिन जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया." उन्होंने राहुल गांधी को संविधान बचाने की मुहिम का श्रेय दिया.
खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ भेदभाव आम हो गया है. उन्होंने पीएम मोदी पर चुनावों में समाज को बांटने वाले बयान देने का भी आरोप लगाया, जैसे "चिकन, मुगल, मंगलसूत्र" की बातें. उन्होंने कहा, "संविधान को कुचलने का काम प्रधानमंत्री और भाजपा कर रहे हैं."
खड़गे ने संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया और दावा किया कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सरकार ने इसका हथियार बनाया. उन्होंने कहा कि जब धनखड़ ने स्वतंत्रता दिखाई, तो उन्हें "धमकाया और दबाव डाला गया."
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान भारत की आत्मा है और इसे हर कीमत पर बचाना कांग्रेस का कर्तव्य है. उन्होंने न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और मीडिया से लोकतंत्र की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने की अपील की.