इजरायल ने लेबनान में किया सफेद फास्फोरस का इस्तेमाल
न्यूयॉर्क । डेस्क: ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) की एक नवीनतम रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है. न्यूयॉर्क स्थित इस प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के रिहायशी इलाकों में सफेद फास्फोरस (White Phosphorus) मुनिशन्स का उपयोग किया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सीधा उल्लंघन है.
रिपोर्ट के अनुसार, 3 मार्च को दक्षिणी लेबनान के योहमोर (Yohmor) गांव के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इन खतरनाक रसायनों को दागा गया, जिससे कम से कम दो घरों में भीषण आग लग गई.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सफेद फास्फोरस का हवा में फटना और रिहायशी क्षेत्रों में गिरना नागरिकों के लिए अत्यंत घातक है, क्योंकि यह पदार्थ ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही जल उठता है और शरीर को गंभीर रूप से झुलसाने के साथ-साथ संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाता है.
ह्यूमन राइट्स वॉच के लेबनान शोधकर्ता रामजी कैस ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इजरायली सेना द्वारा आबादी वाले क्षेत्रों में सफेद फास्फोरस का गैरकानूनी उपयोग बेहद खतरनाक है और इसके नागरिकों पर दूरगामी परिणाम होंगे.
संगठन ने अपनी रिपोर्ट में सात ऐसी तस्वीरों की सत्यता की पुष्टि की है, जिनमें योहमोर के ऊपर सफेद फास्फोरस के गोले फटते हुए दिखाई दे रहे हैं. तकनीक जांच में पाया गया कि धुएं के बादल की आकृति 155mm के M825-सीरीज आर्टिलरी प्रोजेक्टाइल के समान थी, जो विशेष रूप से सफेद फास्फोरस ले जाने के लिए उपयोग किए जाते हैं.
इसके अलावा, स्थानीय नागरिक सुरक्षा टीमों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में कार्यकर्ताओं को रिहायशी छतों और कारों में लगी आग को बुझाते हुए देखा गया है, जो इन रसायनों के गिरने के तत्काल बाद लगी थीं.
लेबनान में वर्तमान स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि इजरायल के विस्थापन आदेशों के कारण अब तक पांच लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं. पिछले कुछ दिनों में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों, विशेष रूप से घोबेरी और हरेत हरेक जैसे इलाकों में भीषण हवाई हमले किए गए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों घायल हैं.
ह्यूमन राइट्स वॉच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी से अपील की है कि वे इजरायल को हथियारों की बिक्री तुरंत निलंबित करें और उन अधिकारियों पर लक्षित प्रतिबंध लगाएं जो इन गंभीर अपराधों में शामिल हैं.
संगठन का कहना है कि यह पहली बार नहीं है. इजरायल ने अक्टूबर 2023 से मई 2024 के बीच भी दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती गांवों में सफेद फास्फोरस का इस्तेमाल किया था, जिससे आम नागरिकों के जीवन को निरंतर खतरे में डाला जा रहा है.