ईरान अगले 4 माह तक अमेरिकी नाकेबंदी झेलने में सक्षम- CIA
नई दिल्ली । डेस्क: खाड़ी क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने की कोशिशें एक बार फिर पटरी से उतरती नजर आ रही हैं. शुक्रवार को खाड़ी क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच फिर से भारी गोलीबारी हुई, जिससे एक महीने पहले घोषित युद्धविराम खतरे में पड़ गया है.
इसी बीच सीआईए (CIA) के एक ताजा खुफिया आकलन ने वाशिंगटन की रणनीतिक चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अगले चार महीनों तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को आर्थिक रूप से झेलने में सक्षम है, जिसका सीधा मतलब है कि तेहरान पर तत्काल दबाव बनाने के अमेरिकी विकल्प बेहद सीमित हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब अमेरिकी सेना ने दो ईरान-संबद्ध जहाजों पर हमला कर उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. जवाब में ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जब भी कूटनीतिक समाधान की बात होती है, अमेरिका सैन्य दुस्साहस का रास्ता चुन लेता है. इस हिंसा के बीच तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया और ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया.
दूसरी ओर, वाशिंगटन कूटनीति और प्रतिबंधों की दोहरी नीति पर चल रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वे युद्ध समाप्त करने के प्रस्ताव पर तेहरान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं.
वहीं, दबाव बढ़ाते हुए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के ड्रोन कार्यक्रम में मदद करने वाली 10 कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ इस वैश्विक संकट पर चर्चा कर सकते हैं.