गेवरा माइंस में इंटक का दबदबा: एटक दूसरे, बीएमएस तीसरे नंबर पर
कोरबा । संवाददाता: कोरबा के एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में हुए श्रमिक संगठनों के सदस्यता सत्यापन चुनाव में बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला. दो दिनों तक चले इस चुनावी मुकाबले में SEKM-INTUC ने प्रतिद्वंद्वी SKMS-AITUC को महज तीन वोटों के अंतर से शिकस्त देकर शीर्ष स्थान हासिल किया. 12 और 13 सितंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित इस सत्यापन प्रक्रिया में इंटक को कुल 496 कर्मचारियों का समर्थन मिला, जबकि एटक 493 वोटों के साथ दूसरे पायदान पर सिमट गई.
इस चुनाव में भारतीय मजदूर संघ (BMS) 234 मत हासिल कर तीसरे स्थान पर रहा, वहीं हिंद मजदूर सभा (HMS) को 146 श्रमिकों का समर्थन मिला और वह चौथे स्थान पर रही. इसके अलावा हिंद मजदूर पंचायत के खाते में 8 वोट आए. दिलचस्प बात यह रही कि किसी भी संगठन को चुनने की बजाय 307 कर्मचारियों ने नोटा (NOTA) का विकल्प चुनकर अपनी स्वतंत्र राय दर्ज की.
दोनों दिनों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले मतदान के दौरान पहले दिन दोनों प्रमुख यूनियनों के बीच बराबरी की होड़ देखने को मिली, जब इंटक और एटक दोनों को ही 295-295 वोट मिले थे. पहले दिन बीएमएस को 139 और एचएमएस को 95 मत मिले थे. हालांकि, दूसरे दिन इंटक ने 199 वोट हासिल कर एटक के 196 वोटों पर 3 मतों की निर्णायक बढ़त बनाई और अंतिम बाजी अपने नाम कर ली.
इस ऐतिहासिक जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए इंटक अध्यक्ष और जेसीसी सदस्य डी.के. मिश्रा ने कर्मचारियों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह जीत खदान कर्मियों के अटूट विश्वास और संगठन के निरंतर संघर्ष का प्रतिफल है. उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि आने वाले समय में इंटक गेवरा क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों, उनके कल्याण और समस्याओं के समाधान के लिए और अधिक मजबूती के साथ अपनी आवाज बुलंद करेगी.