भारत करेगा ग्लोबल साउथ का नेतृत्व- मोहन भागवत
लखनऊ । डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक महत्वपूर्ण आउटरीच कार्यक्रम में भारत के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रबुद्ध वर्ग के साथ बातचीत के दौरान मोहन भागवत ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील और अल्पविकसित देशों) का नेतृत्व करेगा.
अमेरिका के साथ हालिया टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक समय ऐसा आएगा जब किसी भी देश का दबाव या आर्थिक टैरिफ भारत का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा और भारत किसी भी देश के आगे झुके बिना मजबूती से खड़ा रहेगा.
लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित 'शोधार्थी संवाद' कार्यक्रम में मोहन भागवत ने अमेरिका और चीन की नीतियों पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश कट्टरवाद फैला रहे हैं और उनकी सोच केवल स्वयं को शक्तिशाली बनाने तथा बाधा बनने वालों को खत्म करने की है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू धर्म ही वास्तविक 'मानव धर्म' है और हिंदू समाज दुनिया का सबसे धर्मनिरपेक्ष समाज है.
सरसंघचालक ने समाज से जाति, भाषा और संप्रदाय की संकीर्ण पहचान छोड़कर 'हिंदू' के रूप में एकजुट होने का आह्वान किया.
उन्होंने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर भक्तों को सौंपने की वकालत करते हुए कहा कि मंदिरों का धन राष्ट्रहित और हिंदू कल्याण में खर्च होना चाहिए.
इसके साथ ही उन्होंने चरित्र निर्माण, पारिवारिक मूल्यों और स्वदेशी विकास पर जोर देते हुए बताया कि संघ ने देश के 5,000 गांवों में विकास की पहल की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता में बड़े बदलाव आ रहे हैं.