छत्तीसगढ़ सीमा पर अभेद्य सुरक्षा चौकी स्थापित, 'रेड कॉरिडोर' ध्वस्त
नागपुर । डेस्क: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस ने गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ सीमा से महज 2 किमी दूर भामरागढ़ के सुदूर 'बंगाड़ी' गांव में एक नई पुलिस चौकी स्थापित की गई है. यह 2023 से अब तक का 11वां ऐसा सुरक्षा केंद्र है, जो कभी माओवादियों का प्रमुख पारगमन बिंदु (Transit Point) हुआ करता था.
अधिकारियों का दावा है कि इस नई चौकी के निर्माण से छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और इंद्रावती नेशनल पार्क को जोड़ने वाला माओवादियों का मुख्य आपूर्ति मार्ग अब पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है.
यह किला रूपी सुरक्षा चौकी न केवल नक्सलियों की गतिविधियों पर लगाम लगाएगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130D के उस महत्वपूर्ण 27 किमी के हिस्से को पूरा करने में भी मदद करेगी, जो गढ़चिरौली के आलापल्ली को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर से जोड़ता है.
इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित होने से अब रुके हुए विकास कार्यों, जैसे पुल, मोबाइल टावर और गुंडेनुर नाला बांध के निर्माण में तेजी आएगी. गढ़चिरौली के एसपी नीलोत्पल ने कहा कि इस कदम से क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे और जल्द ही यहाँ से महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी.
उल्लेखनीय है कि इस चौकी का निर्माण किसी चुनौती से कम नहीं था. इसे मात्र 24 घंटों के भीतर 1,050 कर्मियों की मदद से तैयार किया गया, जिसमें 1,000 सी-60 कमांडो, बम निरोधक दस्ते और निजी कर्मचारी शामिल थे.
भारी मशीनरी और आधुनिक सुविधाओं जैसे वाई-फाई, आरओ सिस्टम, मोबाइल टावर और बुलेट-प्रूफ मोर्चों से लैस यह पोस्ट अब सुरक्षा बलों के लिए एक मजबूत आधार केंद्र का काम करेगी.
2009 में इसी क्षेत्र के पास लाहेरी में हुए भीषण माओवादी हमले जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, यह पुलिस चौकी पिछड़े आदिवासी बेल्ट को मुख्यधारा से जोड़ने और क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ है.