अमेरिका ने कैसे मादुरो के अपहरण को अंजाम दिया?
न्यूयॉर्क/काराकास । डेस्क: पाकिस्तान के एबटाबाद में अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के बाद यह अमेरिका का सबसे जटिल और बड़ा सैन्य अभियान बताया जा रहा है. इसी अभियान में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके आवास से हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट के ज़रिये इस कार्रवाई की पुष्टि की.
ट्रंप ने कहा कि “वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया है.” इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया. हालांकि मादुरो ने मादक पदार्थों की तस्करी समेत सभी आरोपों से इनकार किया.
मादुरो की अदालत में पेशी के कुछ ही घंटों बाद उनकी पूर्व डिप्टी डेलसी रोड्रिगेज ने वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. इस घटनाक्रम ने वेनेज़ुएला की राजनीति को पूरी तरह झकझोर दिया है.
इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिकी सेना की सबसे गोपनीय और प्रशिक्षित इकाई डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया. डेल्टा फोर्स के अधिकांश मिशन कभी सार्वजनिक नहीं होते. इससे पहले यह बल सोमालिया, इराक, ग्रेनाडा और अल-कायदा व आईएस नेताओं के खिलाफ कई बड़े अभियानों में शामिल रहा है.
160th SOAR और रात का हमला
अभियान में 160वीं स्पेशल ऑपरेशंस एविएशन रेजिमेंट (SOAR) की भी भूमिका रही, जो रात में किए जाने वाले अभियानों के लिए जानी जाती है. चिनूक, ब्लैक हॉक और लिटिल बर्ड हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया.
150 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात
मादुरो को पकड़ने के लिए 150 से अधिक लड़ाकू विमानों का उपयोग किया गया. इनमें बी-1 लांसर, एफ-22 रैप्टर, एफ-35, एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट, ईए-18 ग्रोलर और ई-2 हॉकआई जैसे अत्याधुनिक विमान शामिल थे.
इसके अलावा आरक्यू-170 सेंटिनल स्टेल्थ ड्रोन से लगातार निगरानी की गई.
CIA की अहम भूमिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त से ही सीआईए की एक छोटी टीम वेनेज़ुएला में मौजूद थी. टीम ने मादुरो की दिनचर्या और गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाईं. सीआईए का एक गुप्तचर मादुरो के बेहद करीब बताया जा रहा है, जिसने सही समय पर उनकी लोकेशन साझा की.
USS इवो जिमा से न्यूयॉर्क तक
गिरफ्तारी के बाद मादुरो को पहले एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ले जाया गया, फिर विशाल हमला पोत यूएसएस इवो जिमा के ज़रिये न्यूयॉर्क स्थानांतरित किया गया. यह जहाज एक छोटे विमानवाहक पोत की तरह काम करता है और समुद्र से सीधे ज़मीनी कार्रवाई में सक्षम है.
भारी जानमाल का नुकसान
वेनेज़ुएला की सेना के अनुसार, इस अमेरिकी अभियान में कम से कम 24 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 56 तक पहुंच गई है. अटॉर्नी जनरल तारिक विलियम साब ने इसे ‘युद्ध अपराध’ करार देते हुए जांच के आदेश दिए हैं.
क्यूबा सरकार ने भी दावा किया है कि वेनेज़ुएला में तैनात 32 क्यूबाई सैन्य और पुलिसकर्मी मारे गए हैं, जिसके बाद क्यूबा में दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया.