यूरोप में हीटवेव: फ्रांस में तैरने गए 40 लोगों की डूबने से मौत
नई दिल्ली । डेस्क: यूरोप के कई देश इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव की चपेट में हैं. फ्रांस में इस प्रचंड गर्मी से राहत पाने के लिए असुरक्षित और बिना निगरानी वाले इलाकों में तैरने के चक्कर में कम से कम 40 लोगों की डूबने से मौत हो गई है.
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबस्तियन लेकोर्नू ने एक आपातकालीन बैठक के बाद बताया कि मरने वालों में ज्यादातर युवा शामिल हैं. उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया.
फ्रांस में इस बार इतिहास की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है, जहां सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात का औसत तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसने साल 2019 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है, जिसके चलते 54 क्षेत्रों में 'रेड अलर्ट' जारी कर स्कूलों को समय से पहले बंद कर दिया गया है. गर्मी का असर पर्यटन पर भी दिख रहा है. पेरिस का प्रसिद्ध लूवर म्यूजियम और एफिल टॉवर भी दोपहर बाद बंद किए जा रहे हैं.
गर्मी का यह प्रकोप केवल फ्रांस तक सीमित नहीं है. ब्रिटेन के मौसम विभाग ने भी तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की चेतावनी दी है, जो जून के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ सकता है.
ब्रिटेन के कई स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. उधर, स्पेन के उत्तरी इलाकों में भी तापमान सामान्य से दोगुना होकर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि इटली सरकार ने देश के 15 शहरों के लिए हाई-लेवल अलर्ट जारी कर काम के घंटों में बदलाव किया है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस जानलेवा गर्मी के पीछे 'ओमेगा ब्लॉक' नामक वेदर पैटर्न है, जो सहारा मरुस्थल से गर्म हवाओं को यूरोप की तरफ खींच रहा है. इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस (IFRC) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो यह अत्यधिक तापमान हजारों लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.