हरिद्वार अर्ध-कुंभ 2026: गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग तेज
हरिद्वार । डेस्क: उत्तराखंड के हरिद्वार में 14 जनवरी से शुरू होने जा रहे अर्ध-कुंभ मेला 2026 से पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. श्री गंगा सभा के बाद अब हिंदू नेता साध्वी प्राची ने भी कुंभ मेला क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
मंगलवार 6 जनवरी, 2026 को मीडिया से बात करते हुए साध्वी प्राची ने दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले का जिक्र किया. उन्होंने तर्क दिया कि कुंभ मेले में करोड़ों हिंदू श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं. ऐसी सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सरकार को कड़ा रुख अपनाना चाहिए और गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित कर देना चाहिए.
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने भी सरकार से कुंभ क्षेत्र को हिंदुओं के लिए 'विशिष्ट' (Exclusive) घोषित करने का आग्रह किया था. उन्होंने 1916 के नगर पालिका नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ये नियम पवित्र घाटों पर गैर-हिंदुओं के आने और मांस-मदिरा की बिक्री पर पहले से ही प्रतिबंध की बात करते हैं. गौतम के अनुसार, "यह स्थान हमारी आस्था का केंद्र है और इस वास्तविकता को स्वीकार करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए."
सरकार की प्रतिक्रिया सूत्रों के अनुसार, हिंदू संगठनों की इस बढ़ती मांग के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही इन संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर सकते हैं.
अर्ध-कुंभ 2026 की मुख्य बातें:
प्रारंभ: 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति).
अवधि: 45 दिन.
समापन: महाशिवरात्रि.
अपेक्षित भीड़: सरकार को लगभग 6 से 7 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.
प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में जुटने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और इन धार्मिक मांगों के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है.