सोम, 19 अक्टू. 2026

CGKhabar

गुजरात में अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्राड का भंडाफोड़, 804 Cr की ठगी

C

CG Khabar

27 सित. 2025, 05:27 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

साइबर क्राइम
साइबर क्राइम

सूरत । डेस्क: गुजरात पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देशभर में लोगों को ठगकर लगभग 804 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने बताया कि सूरत में इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. 


यह गिरोह दुबई, वियतनाम और कंबोडिया से संचालित हो रहा था और पूरे भारत में लोगों को निशाना बनाता था.

विज्ञापन


पुलिस ने इस कार्रवाई में 65 मोबाइल फोन, 447 डेबिट कार्ड, 529 बैंक खाता किट, 686 सिम कार्ड और 16 पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें बरामद की हैं. 


सांघवी ने साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीड़ितों को 5.51 करोड़ रुपये लौटाए.


सांघवी ने बताया कि यह गिरोह आम नागरिकों के बैंक खातों और सिम कार्डों को 1.5-2 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर हासिल करता था और फिर उनका दुरुपयोग साइबर धोखाधड़ी के लिए करता था. 


इस गिरोह ने देशभर में 1,549 अपराध किए, जिनमें गुजरात में 141 डिजिटल अपराधों के जरिए 17.75 करोड़ रुपये की ठगी की गई.


मंत्री ने जनता से अपील की कि वे "साइबर सुरक्षा कवच" अपनाएं और किसी भी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने के पहले घंटे, यानी "गोल्डन आवर" के भीतर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें. 


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है, और लोगों को धमकी देने वाले फर्जी कॉल्स से डरने की जरूरत नहीं है.


कार्यक्रम में, वडोदरा के एक वरिष्ठ नागरिक को 4.91 करोड़ रुपये लौटाए गए, जिन्हें प्रतिष्ठित बीमा कंपनियों के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगा गया था. 

एक अन्य मामले में, अहमदाबाद की एक वरिष्ठ महिला को ड्रग्स के मामले में फंसाने की धमकी देकर 12 दिनों तक स्काइप पर "डिजिटल अरेस्ट" में रखा गया. पुलिस ने इस मामले में 48 लाख रुपये बरामद कर पीड़ित को लौटाए. 


इसके अलावा, "ROCKCREEAK" नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए एक परिवार से ठगे गए 12.70 लाख रुपये भी बरामद कर लौटाए गए.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP