रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट 'पर्यावरणीय आपदा' की ओर बढ़ता कदम: जयराम रमेश

C

CG Khabar

02 जुल. 2026, 06:49 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

जयराम रमेश
जयराम रमेश

नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने गुरुवार (2 जुलाई 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सरकार पर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के जरिए "पर्यावरणीय आपदा" की ओर बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस समय देश की "पारिस्थितिक अंतरात्मा" (इकोलॉजिकल कॉन्शियंस) दांव पर लगी है.


जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में किए गए अपने सार्वजनिक प्रयासों, संसद में दिए बयानों और विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों को लिखे गए पत्रों का एक संग्रह साझा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जिद के कारण इस अनोखे और जैव-विविधता से समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है.

विज्ञापन


कांग्रेस नेता ने बताया कि इस परियोजना के खिलाफ विभिन्न नागरिक संगठनों और जागरूक नागरिकों द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय में पांच अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं. इन याचिकाओं में कैंपबेल बे नेशनल पार्क और गैलाथिया नेशनल पार्क के संबंध में 'इको सेंसिटिव जोन' (ESZ) अधिसूचनाओं के उल्लंघन, तटीय क्षेत्र विनियमन (CRZ) अधिसूचना 2019, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 और वन अधिकार अधिनियम 2006 के उल्लंघन का हवाला दिया गया है. इसके अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के 16 फरवरी 2026 के आदेश को भी अदालत में चुनौती दी गई है.


जयराम रमेश इस मुद्दे पर लगातार मुखर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को पत्र लिखकर इस परियोजना के तहत बनने वाले ट्रांसशिपमेंट पोर्ट (पोतांतरण बंदरगाह) के विकास पर स्पष्टीकरण मांगा था. 


इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, जनजातीय मामलों के मंत्री जुअल ओराम और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी कई पत्र लिखे हैं, जिसमें उन्होंने इस परियोजना के संपूर्ण पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (EIA) को संदिग्ध बताया है और नौसेना के आईएनएस बाज़ (INS Baaz) रनवे के विस्तार को अस्वीकार करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है.


कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि गैलाथिया खाड़ी में बनने वाला ट्रांसशिपमेंट पोर्ट पर्यावरण की तबाही का कारण बनेगा और इससे विशाल मूंगा कॉलोनियां पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी.


इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अप्रैल के अंत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे के बाद एक वीडियो जारी कर सरकार पर निशाना साध चुके हैं. उन्होंने सरकार के रक्षा और ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के तर्कों को खारिज करते हुए आरोप लगाया था कि यह परियोजना केवल एक उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए है ताकि वहां होटल और कैसीनो बनाए जा सकें. 


राहुल गांधी ने देश की इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर को बचाने के लिए जनता से "लालच के ऊपर हरियाली" (ग्रीन ओवर ग्रीड) चुनने और याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील भी की थी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP