सरकार ने हवाई जहाज के टिकट के दाम पर कैप लगाया
नई दिल्ली । डेस्क: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo के लिए यह सप्ताह अब तक का सबसे बड़ा संकट लेकर आया है. लगातार पाँचवें दिन, एयरलाइन ने अपनी सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दीं, जिसके बाद सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा और हवाई किराए पर कैप लगाने की घोषणा करनी पड़ी.
जारी सरकारी आदेश के अनुसार, हवाई किराए की अधिकतम सीमा दूरी के आधार पर इस प्रकार तय की गई है:
500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए: अधिकतम किराया ₹7,500 निर्धारित किया गया है.
500 से 1,000 किलोमीटर की दूरी के लिए: टिकट की कीमत ₹12,000 से अधिक नहीं होगी.
1,000 से 1,500 किलोमीटर की दूरी के लिए: अधिकतम किराया सीमा ₹15,000 तय की गई है.
1,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए: किराया ₹18,000 पर सीमित कर दिया गया है.
ध्यान देने योग्य मुख्य बातें
स्थायी नहीं: यह किराया सीमा फिलहाल 'मौजूदा स्थिति के स्थिर होने तक' लागू रहेगी.
अतिरिक्त शुल्क: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह किराया कैप उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF), यात्री सेवा शुल्क (PSF), और अन्य करों को शामिल नहीं करता है. ये शुल्क यात्री को अलग से देने होंगे.
सभी बुकिंग पर लागू: यह सीमा सभी प्रकार की बुकिंग्स पर लागू होगी, जिसमें एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट दोनों शामिल हैं.
शनिवार को भी बेंगलुरू और मुंबई हवाई अड्डों पर 385 IndiGo उड़ानें रद्द कर दी गईं. हवाई अड्डों के बाहर सैकड़ों यात्री इकट्ठा हो गए, जिनमें से कुछ तो कैंसिलेशन से अनजान थे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शनिवार को अकेले बेंगलुरू में 124, मुंबई में 109, नई दिल्ली में 86 और हैदराबाद में 66 IndiGo उड़ानें रद्द हुईं.
IndiGo की उड़ानें रद्द होने से अन्य एयरलाइनों के किराए में भारी उछाल आया. इसे देखते हुए, केंद्र सरकार ने बाजार में "मूल्य अनुशासन बनाए रखने" के लिए हवाई किराए पर सीमा लगाने का फैसला किया.
हालांकि, सरकार ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि यह सीमा क्या होगी. सरकार ने कहा कि वह वास्तविक समय के डेटा और एयरलाइनों के साथ सक्रिय समन्वय के माध्यम से किराए के स्तर की बारीकी से निगरानी करती रहेगी. किराए पर आखिरी बार कैप COVID-19 महामारी के दौरान 2020 में लगाई गई थी.
IndiGo ने स्वीकार किया है कि वह पायलटों के लिए रात की उड़ान और साप्ताहिक आराम के सख्त नए नियमों को लागू करने की 1 नवंबर की समय सीमा से पहले ठीक से योजना बनाने में विफल रही, जिसके कारण इस सप्ताह शेड्यूलिंग की गंभीर समस्या हुई.
शुक्रवार को 1,000 से अधिक IndiGo उड़ानें रद्द की गई थीं. सरकार द्वारा नियमों में छूट दिए जाने के बाद, एयरलाइन ने 10-15 दिसंबर के बीच सामान्य परिचालन पर लौटने की उम्मीद जताई है.
दिल्ली हवाई अड्डे ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि उड़ान संचालन धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है, लेकिन IndiGo की कुछ उड़ानें अभी भी प्रभावित हैं. दूसरी प्रमुख भारतीय एयरलाइनों, जैसे Air India और Akasa को इन नए नियमों के कारण अपनी उड़ानें रद्द नहीं करनी पड़ी हैं.