ट्रंप के ग्रीनलैंड के रुख के खिलाफ जर्मनी
बर्लिन । डेस्क: जर्मनी ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख के खिलाफ खुलकर मोर्चा ले लिया है. जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने स्पष्ट कहा है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की किसी भी अमेरिकी महत्वाकांक्षा से नाटो के भीतर एक अभूतपूर्व संकट पैदा हो सकता है.
बर्लिन में यूरोपीय संघ की विदेश और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पिस्टोरियस ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा और संप्रभुता डेनमार्क का ही नहीं, बल्कि पूरे नाटो की सामूहिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति जर्मनी के समर्थन को दोहराते हुए संकेत दिया कि अमेरिका का यह रुख गठबंधन की मूल भावना के खिलाफ है.
काजा कैलास ने बताया कि ट्रंप प्रशासन के ग्रीनलैंड संबंधी रुख को लेकर नाटो और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच लगातार चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया के लिए सदस्य देशों के पास विकल्प मौजूद हैं, हालांकि उन्होंने किसी ठोस कदम का खुलासा नहीं किया.
पिस्टोरियस ने जोर देकर कहा कि नाटो के ढांचे के भीतर ग्रीनलैंड की सामूहिक सुरक्षा को और मजबूत किया जाना चाहिए और इस दिशा में सदस्य देश उपायों पर विचार कर रहे हैं.
जर्मनी पहले ही डेनमार्क और ग्रीनलैंड की ओर से किसी भी अमेरिकी अधिग्रहण को खारिज करने वाले व्यापक यूरोपीय रुख के साथ खड़ा है.
इससे पहले, भारत दौरे के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भी संकेत दिया था कि नाटो सदस्य देश ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं और इस प्रक्रिया में अमेरिका को भी शामिल रहने की उम्मीद है.
वहीं, जर्मन विदेश मंत्री योहान वेडेफुल ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात के बाद स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला केवल वहां के लोगों का अधिकार है.