केरल में जबरन धर्मांतरण, छत्तीसगढ़ में नहीं- चर्च
नई दिल्ली । डेस्क: सायरो-मलाबार चर्च ने कहा है कि जबरन धर्मांतरण के मामले केरल में हो रहे हैं, न कि छत्तीसगढ़ में. चर्च की मीडिया आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में सेवा दे रही ननों के खिलाफ मुख्य आरोप यह था कि वे जबरन धर्मांतरण में शामिल थीं.
बयान में कहा गया, "हालांकि, महत्वपूर्ण मुद्दा कोट्टायम के एर्नाकुलम में हो रहे जबरन धर्मांतरण का है. एक ईसाई लड़की ने जबरन धर्मांतरण की धमकियों के बाद आत्महत्या कर ली."
कोट्टायम की 23 वर्षीय लड़की के परिवार ने उसकी आत्महत्या के बाद जबरन धर्मांतरण के आरोप लगाए. घर से मिले एक नोट में दावा किया गया कि उसे उसके प्रेमी और उसके पिता द्वारा उनकी आस्था अपनाने के लिए दबाव डाला गया था.
बयान में कहा गया, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लड़कियां यह नहीं समझ पातीं कि धार्मिक कट्टरपंथी प्यार का इस्तेमाल महिलाओं को धोखा देने के लिए करते हैं."
इसमें आगे कहा गया, "यह अपेक्षा की जाती है कि आरोपियों को सजा दी जाएगी. राजनीतिक दलों को ऐसे तत्वों का विरोध करना चाहिए."