ग़ज़ा में हर तीसरा आदमी भूख से बेहाल
ग़ज़ा में भूखो मरने लोग मजबूर
दिल्ली | डेस्कः इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष ने गज़ा में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गये हैं. इस समस्या ने ग़ज़ा में मानवीय संकट को गहरा कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने चेतावनी दी है कि ग़ज़ा में हर तीन में से लगभग एक व्यक्ति कई दिनों से बिना खाए रह रहा है.
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफ़पी) ने कहा है कि कुपोषण बढ़ रहा है और 90 हज़ार महिलाओं और बच्चों को तुरंत इलाज की ज़रूरत है.
एजेंसियों का मानना है कि ग़ज़ा में इस हफ़्ते भुखमरी और भी ज़्यादा होने वाली है. दुनिया के कई सामाजिक संगठन व संयुक्त राष्ट्र लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि इसलाइल ग़ज़ा के लोगों तक रशद नहीं पहुंचने दे रहा है. साथ ही खाना बांटने के नाम पर भी वहां की जनता को मार रहा है.
ग़ज़ा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, शुक्रवार को कुपोषण से नौ और लोगों की मौत हो गई. मंत्रालय के मुताबिक़, इसराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुपोषण से मरने वालों की कुल संख्या 122 हो गई है.
ग़ज़ा में आने-जाने वाली सभी चीज़ों पर अपना नियंत्रण रखने वाले इसराइल का कहना है कि इस इलाक़े में कोई भी सहायता पहुंचने से वह नहीं रोक रहा है.
इसराइल के इस बयान को झूठा ठहराते हुए इसराइल के लोग भी अब ग़ज़ा में मर रहे भूखे लोगों के लिए आवाज उठा रहे हैं. इसराइल में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जनता को भूखा मारना युद्ध नियमों के खिलाफ़ होने के साथ ही अमानवीयता है.
हमास की ओर से संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, 7 अक्तूबर 2023 से ग़ज़ा में 59 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.