धनबल से चुनाव जीते जा रहे हैं- अभिजीत दीपके
नई दिल्ली । डेस्क: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संयोजक अभिजीत दीपके ने सत्तारूढ़ पक्ष और चुनाव प्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है. दीपके ने आरोप लगाया है कि आज के दौर में निष्पक्षता के बजाय धनबल से चुनाव जीते जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रचार करने वाले लोग रोल्स रॉयस, ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियों से आते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि चुनावों में सिर्फ पैसे का प्रभाव चल रहा है.
अभिजीत दीपके ने शैक्षणिक संस्थानों के वैचारिक राजनीतिकरण पर भी चिंता जताई.
अमरावती और वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां की कुलपति के आरएसएस विचारधारा से जुड़े होने के कारण विरोध करने वाले दलित और आदिवासी छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है, जबकि एबीवीपी समर्थकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती.
इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भिमानवार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक राष्ट्रीय ऑनलाइन अभियान 'भिमानवार इस्तीफा दो' शुरू करने की बात कही.
दीपके ने आईआईटी बॉम्बे में हाल ही में एक छात्र द्वारा की गई आत्महत्या और विदर्भ के आश्रम स्कूलों की दुर्दशा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि परीक्षा में नकल के आरोप में किसी छात्र का आत्मघाती कदम उठाना शिक्षा तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की कमी को दर्शाता है.
आदिवासी आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पर्याप्त फंड मिलने के बावजूद छात्रों को जमीन पर सोना पड़ रहा है और बुनियादी ढांचा बदहाल है.
चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नाम और प्रतीक चिन्ह को फ्रीज किए जाने के फैसले पर तंज कसते हुए सीजेपी नेता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को औपचारिक रूप से सत्ताधारी दल में शामिल होकर सभी विपक्षी दलों को समाप्त कर देना चाहिए.