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बंगाल के CS को EC का 7 दिन का अल्टीमेटम

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14 अग. 2025, 05:08 AM 2 मिनट में पढ़ें 3

चुनाव आयोग
चुनाव आयोग

नई दिल्ली । डेस्क: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को 5 अगस्त के अपने निर्देश का पालन करने के लिए सात दिन का समय दिया है. इस निर्देश में मॉयना और बारुईपुर (पूर्व) विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े जाने के लिए जिम्मेदार चार अधिकारियों और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित करने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी.


बुधवार को पंत को दिल्ली में निर्वाचन आयोग के समक्ष पेश होने के लिए बुलाया गया था, क्योंकि राज्य सरकार ने न तो अधिकारियों को निलंबित किया और न ही उनके खिलाफ FIR दर्ज की. 

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एक सूत्र ने बताया कि पंत ने आयोग को सूचित किया कि राज्य सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की है और जांच पूरी होने तक कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा. हालांकि, आयोग ने इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि आंतरिक जांच EC के निर्देशों के पालन में बाधा नहीं बननी चाहिए.


आयोग ने 8 अगस्त को पंत से 11 अगस्त तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी. जवाब में, पंत ने बताया कि मॉयना के सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी और बारुईपुर (पूर्व) के डेटा एंट्री ऑपरेटर को मतदान संबंधी कार्यों से हटा दिया गया है और जांच शुरू की गई है. 


लेकिन EC ने इस जवाब को असंतोषजनक माना और पंत को दिल्ली बुलाया.


पंत बुधवार को दोपहर 4:30 बजे निर्वाचन सदन पहुंचे और लगभग एक घंटे बाद वहां से निकले. 


एक सूत्र ने बताया कि आयोग ने पंत को निर्देशों का पालन करने का एक और मौका दिया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जांच में दोषी अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार की है, इसलिए राज्य सरकार को कार्रवाई में देरी नहीं करनी चाहिए.


EC ने जोर देकर कहा कि वह मुख्य सचिव के खिलाफ कार्रवाई के बजाय राज्य सरकार से अपने निर्देशों का पालन चाहता है. इस मामले में अगले सात दिनों में कार्रवाई की उम्मीद है, अन्यथा आयोग आगे के कदम उठा सकता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP