EC की जाँच में पश्चिम बंगाल के 2,208 बूथ, 'जीरो एरर' से संदेह
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के 2,208 पोलिंग बूथ अब चुनाव आयोग की गहन जाँच के दायरे में आ गए हैं. इन बूथों की असाधारण स्थिति ने आयोग का ध्यान खींचा है, जहाँ वितरित किए गए प्रत्येक मतदाता गणना (Enumeration) फॉर्म को भरा हुआ वापस किया गया है. इसका सीधा अर्थ है कि इन बूथों की मतदाता सूची में एक भी मृत, डुप्लीकेट, या लापता मतदाता नहीं है.
EC के सूत्रों के अनुसार, यह असामान्य स्थिति 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आई है, जो 4 नवंबर को शुरू हुई थी.
अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना में ऐसे बूथों की संख्या सबसे अधिक 760 है, जिसके बाद पुरुलिया में 228 और मुर्शिदाबाद में 226 बूथ शामिल हैं. हावड़ा में 94 ऐसे बूथ चिह्नित किए गए हैं, जबकि कोलकाता में यह संख्या केवल एक है. वर्तमान में, पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा क्षेत्रों में 78,000 से अधिक बूथ हैं.
एक EC सूत्र ने बताया, "हमने इन जिलों के अधिकारियों से रिपोर्ट माँगी है. मृत मतदाता के साथ-साथ, इन बूथों पर कोई डुप्लीकेट या लापता मतदाता नहीं है... ये बूथ अब स्कैन में हैं."
मतदाता सूची पुनरीक्षण की नई तारीखें
SIR प्रक्रिया के 27वें दिन (सोमवार दोपहर तक) 7,65,62,486 गणना फॉर्म वितरित किए गए थे, जो कुल मतदाताओं का 99.90 प्रतिशत है. विपक्षी दलों की चिंताओं के बाद EC ने समय-सीमा बढ़ा दी है:
फॉर्म वितरण की नई अंतिम तिथि: 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर.
मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन: 9 दिसंबर के बजाय अब 16 दिसंबर को होगा.
अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि: 7 फरवरी, 2026 के बजाय अब 14 फरवरी, 2026.
EC ने बताया कि उन्होंने नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कार्यक्रम को एक सप्ताह के लिए बढ़ाया है, क्योंकि विपक्षी दलों ने 'तंग समय-सीमा' पर चिंता जताई थी.