ईरान के नए शांति प्रस्ताव को डोनाल्ड ट्रंप ने किया खारिज
वॉशिंगटन/तेहरान । डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने युद्ध समाप्त करने और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को फिर से खोलने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अपर्याप्त बताते हुए ठुकरा दिया है. शुक्रवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान डील तो करना चाहता है, लेकिन वह मौजूदा शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं.
राष्ट्रपति ने कहा, "वे ऐसी चीजें मांग रहे हैं जिन्हें मैं स्वीकार नहीं कर सकता."
ईरान के इस नए प्रस्ताव में युद्ध खत्म करने और पेट्रोलियम व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को खोलने की बात कही गई थी, लेकिन तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को भविष्य के लिए टालना चाहता है.
इस पर ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि परमाणु मुद्दे को मसौदे में वापस शामिल किया जाए. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने भी दोहराया कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके.
दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने ईरान पर 'इकोनॉमिक फ्यूरी' (आर्थिक कहर) का हवाला देते हुए कहा कि प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
उन्होंने बताया कि ईरान में खाद्य सामग्री और पेट्रोल की राशनिंग शुरू हो गई है और वहां की मुद्रा अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. बेसेन्ट ने साफ कर दिया कि जब तक 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' यानी नौवहन की स्वतंत्रता पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक ईरान की नाकाबंदी जारी रहेगी.
वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतें युद्ध के कारण अस्थिर बनी हुई हैं और गुरुवार को यह 114.70 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर तक पहुंच गई थीं. ट्रंप ने कहा कि उनके पास सैन्य विकल्प मौजूद हैं, लेकिन मानवीय आधार पर वह बातचीत के जरिए समाधान निकालना पसंद करेंगे. फिलहाल, अमेरिका ने ईरान के नेतृत्व को 'विभाजित' बताते हुए दबाव कम करने से इनकार कर दिया है.