'यूरोपीय संघ से विवाद का फायदा रूस-चीन को होगा'
ब्रूसेल्स । डेस्क: यूरोपीय संघ (EU) की शीर्ष राजनयिक काजा क्लास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड विवाद पर दी गई टैरिफ की धमकी की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि पश्चिमी देशों के बीच बढ़ती इस फूट का सीधा फायदा रूस और चीन को मिलेगा.
क्लास के मुताबिक, जब सहयोगी देश आपस में उलझते हैं, तो वैश्विक प्रतिद्वंद्वी ताकतों को अपनी पैठ बनाने का सुनहरा अवसर मिल जाता है.
यूरोपीय नेताओं का मानना है कि ट्रंप का यह कदम न केवल ट्रांसअटलांटिक एकता को कमजोर करेगा, बल्कि यह सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक "खतरनाक गिरावट" की शुरुआत हो सकती है.
काजा क्लास ने सोशल मीडिया पर कहा कि "चीन और रूस आज निश्चित तौर पर खुश होंगे, क्योंकि सहयोगियों के बीच का यह विभाजन उनके हितों को साधने में मदद कर रहा है." उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आर्थिक टकराव से न केवल यूरोप और अमेरिका के संबंध खराब होंगे, बल्कि यह रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों से भी ध्यान भटकाएगा.
इस संकट के बीच, यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों के राजदूत आज एक आपातकालीन बैठक कर रहे हैं.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया है कि यूरोप एकजुट रहेगा और अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा.
ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की थी कि यदि ग्रीनलैंड की बिक्री पर सहमति नहीं बनी, तो वह डेनमार्क, जर्मनी और ब्रिटेन सहित आठ यूरोपीय देशों पर भारी आयात शुल्क लगाएंगे, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता का डर पैदा हो गया है.