डिप्टी सीएम का रेडियो संदेश: नक्सलियों का 'ससम्मान पुनर्वास' करेगी सरकार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों की ओडिशा राज्य कमेटी के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास द्वारा भेजे गए पत्र का जवाब देते हुए एक सकारात्मक संदेश जारी किया है. डिप्टी सीएम ने मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताने वाले 15 नक्सलियों का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार इसे 'आत्मसमर्पण' नहीं बल्कि 'ससम्मान पुनर्वास' की प्रक्रिया मानती है.
उन्होंने सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं को दूर करते हुए भरोसा दिलाया कि शासन उनकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा. पुनर्वास केंद्रों की तुलना जेल से करने की शंकाओं पर विराम लगाते हुए विजय शर्मा ने बताया कि ये केंद्र पूरी तरह खुले हैं, जहाँ खेलकूद और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ लोगों को रायपुर जैसे शहरों में घूमने की भी आजादी रहती है.
उपमुख्यमंत्री ने प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि जंगल में लंबे समय तक रहने के कारण कई साथियों के पास जरूरी दस्तावेज और बैंक खातों का अभाव होता है, जिन्हें व्यवस्थित करने में तीन से चार महीने का समय लगता है. जैसे ही संबंधित गांवों की स्थितियां सामान्य होती हैं, उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया जाएगा.
कानूनी अड़चनों पर उन्होंने बताया कि पुराने मुकदमों के समाधान के लिए मंत्रियों की एक उप-समिति बनाई गई है, जो विधि के दायरे में रहकर प्रकरणों को वापस लेने पर विचार कर रही है.
डिप्टी सीएम ने पूर्व में मुख्यधारा में आए सतीश और रामधेर मज्जी जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि चाहे ओडिशा पुलिस का अभियान हो या छत्तीसगढ़ का, सभी समन्वय बनाकर नक्सलियों की अपेक्षा के अनुरूप उनकी सुरक्षा का ध्यान रखेंगे.