'दिल्ली के जमींदार कर रहे अत्याचार, वोट से लें इसका बदला'- ममता बनर्जी
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाली नववर्ष (पोइला बैसाख) के शुभ अवसर पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तीखा मोर्चा खोल दिया है. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को 'बंगाल पर जुल्म और अत्याचार' करार देते हुए जनता से आह्वान किया कि वे लोकतंत्र के उत्सव यानी चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर इस 'अन्याय' का बदला लें.
ममता बनर्जी ने भाजपा को 'वैनिश वॉशिंग मशीन' के रूप में संबोधित करते हुए कड़ा कटाक्ष किया और आरोप लगाया कि 'दिल्ली के जमींदार' राज्य की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं और संवैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण कर रहे हैं.
अपने संबोधन की शुरुआत में ममता बनर्जी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व सांप्रदायिक सद्भाव का स्मरण कराया.
उन्होंने कहा कि बंगाल शांति, संस्कृति और संहति का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि राज्य में जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिए 105 सामाजिक परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ हर वर्ग को मिल रहा है.
उन्होंने केंद्र पर वित्तीय वंचना का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल का हक रोका जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार जनहित के कार्यों को रुकने नहीं देगी.
मतदाता सूची से नाम कटने और एनआरसी (NRC) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात मुखरता से रखी.
उन्होंने कहा, "जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं और जिन्होंने इसके डर से आत्महत्या की है, उनके लिए मेरा दिल रोता है."
उन्होंने याद दिलाया कि वह स्वयं इन अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गई हैं और 32 लाख लोगों के नाम वापस जुड़वाने में सफल रही हैं.
ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा केंद्र है और हिंसा या दंगे के बजाय वोट के जरिए जवाब दिया जाना चाहिए. उन्होंने राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर खुद को मुख्य चेहरा बताते हुए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की.