दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार (20 अगस्त 2025) को उनके आधिकारिक निवास सिविल लाइंस में आयोजित एक ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर शारीरिक हमला हुआ. भारतीय जनता पार्टी के अनुसार, इस हमले में मुख्यमंत्री को सिर पर हल्की चोट लगी. इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया: “हमला मेरे संकल्प को नहीं तोड़ सकता”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, “आज सुबह जनसुनवाई के दौरान मेरे ऊपर हुआ हमला केवल मेरे ऊपर नहीं, बल्कि दिल्ली की सेवा और जनता की भलाई के हमारे संकल्प पर किया गया एक कायराना प्रयास है.”
उन्होंने एक्स पर हिंदी में पोस्ट किया, “मैं इस हमले के बाद सदमे में थी, परन्तु अब बेहतर महसूस कर रही हूँ. मैं अपने सभी शुभचिंतकों से निवेदन करती हूँ कि कृपया मिलने का कष्ट न करें. मैं बहुत जल्द आपके बीच कार्य करते हुए दिखाई दूँगी.”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे हमले मेरे हौसले और जनता की सेवा करने के मेरे संकल्प को कभी नहीं तोड़ सकते. अब मैं पहले से भी अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ आपके बीच रहूँगी. जनसुनवाई और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा. आपका विश्वास और समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत है.”
हमले का विवरण और पुलिस जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने खुद को राजेश भाई खिमजी भाई साकरिया (42), राजकोट का निवासी बताया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बताया, “जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री जनता से बातचीत कर रही थीं, जैसा कि वह हमेशा करती हैं. एक व्यक्ति ने उनके पास आकर कुछ कागज सौंपे और अचानक उनका हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश की. इस दौरान कुछ धक्का-मुक्की हुई. लोगों ने उसे पकड़ लिया. उसकी पहचान और अन्य विवरणों की जांच पुलिस कर रही है.”
पुलिस आयुक्त एस.बी.के. सिंह मुख्यमंत्री के निवास पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू की. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है ताकि हमले के मकसद का पता लगाया जा सके. सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण भी किया जा रहा है ताकि घटनाक्रम को समझा जा सके. आरोपी के खिलाफ ‘हत्या की कोशिश’ के तहत मामला दर्ज किया गया है.
बीजेपी और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप
बीजेपी दिल्ली विधायक हरीश खुराना ने एक्स पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें आरोपी को आम आदमी पार्टी (आप) के गुजरात विधायक गोपाल इटालिया के साथ देखा गया. खुराना ने आरोप लगाया कि हमलावर का आप से संबंध है.
उन्होंने लिखा, “जिसका शक था वही हुआ. @ArvindKejriwal के खास @Gopal_Italia के साथ फोटो बहुत कुछ कह रही है. यानी आज हुए @gupta_rekha जी के ऊपर हुए हमले का कनेक्शन @AamAadmiParty से जुड़ता है ऐसा साफ़ नज़र आ रहा है. इस फ़ोटो की सच्चाई केजरीवाल जी बताए?”
जवाब में, आप ने एक बयान जारी कर दावा किया कि यह तस्वीर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाई गई थी और खुराना ने ऐसा करके बीजेपी को “बदनाम” किया है. आप ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता.”
गुजरात पुलिस ने की आरोपी की मां से पूछताछ
गुजरात पुलिस ने बुधवार को राजकोट में आरोपी की मां, भानुबेन साकरिया, से पूछताछ की. भानुबेन ने कहा कि उनका बेटा, जो एक ऑटो-रिक्षा चालक है, किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा है. उन्होंने बताया कि वह सुप्रीम कोर्ट के हालिया आवारा कुत्तों को स्थानांतरित करने के आदेश के खिलाफ विरोध करने के लिए दिल्ली गया था.
बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और बताया कि डॉक्टरों ने उनकी जांच की है और वह ठीक हैं. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्थिर हैं. डॉक्टरों ने उनकी जांच की है... ऐसा लगता है कि उन्हें सिर पर हल्की चोट लगी है. थप्पड़ मारने या पत्थर फेंकने की कहानियां मनगढ़ंत हैं.” उन्होंने आगे कहा, “राजनीति में ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं. जनसुनवाई जारी रहेगी. मुख्यमंत्री अभी आराम कर रही हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि वह अपने कार्यक्रम रद्द नहीं करेंगी.”
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह ठीक हैं और इस हमले के पीछे एक राजनीतिक साजिश है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “लोगों से उनका निडर जुड़ाव और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से विपक्ष को परेशान करती है, जो इस तरह की शर्मनाक रणनीतियों का सहारा ले रहा है.”
जनसुनवाई जारी रखने का संकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं उनकी जनसेवा की प्रतिबद्धता को कमजोर नहीं कर सकतीं. उन्होंने कहा कि जनसुनवाई और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता और समर्पण के साथ जारी रहेगा. इस घटना ने दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें बीजेपी और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.