बस्तर की संस्कृति भारत का आभूषण है- अमित शाह
रायपुर । संवाददाता: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय 'बस्तर पंडुम 2026' के समापन समारोह में शिरकत की. इस अवसर पर गृहमंत्री ने बस्तर की संस्कृति को भारत का आभूषण बताते हुए घोषणा की कि इस महोत्सव के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहाँ वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति के साथ सहभोज में शामिल होंगे.
अमित शाह ने बताया कि इस आयोजन में बस्तर संभाग के 7 जिलों के 53 हजार से अधिक कलाकारों ने 12 अलग-अलग विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार किया और स्पष्ट किया कि जवानों के अदम्य साहस के बल पर 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से माओवाद का पूर्ण रूप से सफाया कर दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है. उन्होंने 'नियद नेल्ला नार' योजना की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 40 गांवों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं.
इसके साथ ही उन्होंने बस्तर में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर में 2.75 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई हेतु 220 मेगावाट बिजली उत्पादन परियोजना शुरू करने की जानकारी दी.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान का उत्सव है. उन्होंने खुशी जताई कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल कलाकारों की संख्या बढ़कर 54 हजार तक पहुंच गई है.
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि 'धुड़मारास' गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है.
समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी बस्तर की पारंपरिक विरासत और सामाजिक नेतृत्व की सराहना की. इस भव्य समापन अवसर पर पद्म श्री विजेताओं सहित कई जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे.