चुनाव ड्यूटी पर जा रहे CRPF जवानों ने अयोध्या में टेका मत्था, छिड़ी बहस
अयोध्या । डेस्क: पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर से रवाना हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 200 से अधिक जवानों ने रविवार सुबह अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में दर्शन किए. चुनाव ड्यूटी पर तैनात जवानों के इस अचानक किए गए 280 किलोमीटर के रास्ता बदलकर की गई यात्रा ने अब एक नई चर्चा छेड़ दी है.
जानकारी के अनुसार, वर्दीधारी जवानों का यह काफिला 50 से अधिक बख्तरबंद वाहनों के साथ अयोध्या पहुंचा था.
मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों की मौजूदगी में जवानों ने बिना हथियारों के मंदिर में प्रवेश किया और कतारबद्ध होकर प्रार्थना की. स्थानीय सूत्रों और एक साधु के मुताबिक, यह फैसला अधिकारियों द्वारा अचानक लिया गया था और जवानों को पहले से इसकी जानकारी नहीं थी.
इस दौरान सुरक्षा कारणों से सामान्य श्रद्धालुओं को करीब एक घंटे तक बाहर रोका गया.
इस दौरे को लेकर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को न केवल निष्पक्ष होना चाहिए, बल्कि उन्हें 'दृश्य रूप' से भी निष्पक्ष दिखना चाहिए.
उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के दौरों से उनकी तटस्थता की छवि प्रभावित हो सकती है.
दूसरी ओर, बीएसएफ के पूर्व महानिदेशक प्रकाश सिंह ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि राम मंदिर की नवीनता और महत्ता को देखते हुए जवानों का वहां जाना गलत नहीं है. उनके अनुसार, मंदिर जाने से जवानों की निष्पक्षता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
दिलचस्प बात यह है कि जवानों के जाने के ठीक बाद डिब्रूगढ़ (असम) के 30 चाय बागान श्रमिकों का एक दल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राम मंदिर पहुंचा. गौरतलब है कि असम में 9 अप्रैल और बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके लिए सुरक्षा बल अपनी तैनाती की ओर बढ़ रहे हैं.