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राजेश एक्सपोर्ट्स में LIC के निवेश पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

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04 जून 2026, 03:13 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

जयराम रमेश
जयराम रमेश

नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय शेयर बाजार के नियामक सेबी (SEBI) द्वारा दिग्गज ज्वेलरी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (REL) के खिलाफ जारी अंतरिम आदेश के बाद देश में एक नया सियासी और आर्थिक घमासान छिड़ गया है. सेबी ने कंपनी के प्रमोटर और सीईओ राजेश मेहता पर वित्तीय धोखाधड़ी और फंड की हेराफेरी के गंभीर आरोपों के तहत बाजार में ट्रेडिंग करने पर रोक लगा दी है. 


नियामक का अनुमान है कि कंपनी ने पिछले पांच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान अपनी आय में करीब 15 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी दिखाई है. सेबी ने इस गड़बड़ी को बेहद हैरान करने वाला और अप्रत्याशित बताया है, जिसमें कंपनी के लगभग 97 से 99 फीसदी रेवेन्यू को फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया पाया गया है.

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इस खुलासे के तुरंत बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि जब राजेश एक्सपोर्ट्स में एलआईसी की 10.8 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी है, तो देश की इतनी बड़ी सरकारी संस्था इस विशाल वित्तीय धोखाधड़ी को पकड़ने में कैसे नाकाम रही? 


उन्होंने आरोप लगाया कि क्या एलआईसी द्वारा इस कंपनी में इतना बड़ा निवेश किसी "सत्ताधारी तंत्र" के दबाव या निर्देश पर किया गया था. कांग्रेस ने बैंकों के भी इस कंपनी में फंसे पैसों को लेकर चिंता जताई है.


दूसरी तरफ, सेबी के इस 109 पन्नों के कड़े आदेश में बताया गया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने जांच में सहयोग नहीं किया और पर्सनल अकाउंट्स के जरिए पैसों की लेयरिंग की. 


कंपनी के ऑडिटर्स ने भी अहम दस्तावेज छुपाने की कोशिश की, जिसके कारण अब कंपनी में एक नए फॉरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं. राजेश मेहता को 30 दिनों के भीतर सभी सही वित्तीय रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा गया है.


हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कंपनी ने कहा कि उनके द्वारा घोषित राजस्व पूरी तरह सही है और यह मामला केवल सेबी और कंपनी के बीच संवाद की कमी (कम्युनिकेशन गैप) के कारण पैदा हुआ है. 


कंपनी ने साफ किया कि यह सेबी का केवल एक अंतरिम आदेश है, कोई अंतिम फैसला नहीं. इस बीच, इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला, जहां गुरुवार को राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट आई और यह बीएसई व एनएसई दोनों पर 5 फीसदी के लोअर सर्किट के साथ बंद हुआ.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP