'दिमागी नक्सल' वाले पीएम मोदी के बयान पर भड़की कांग्रेस
नई दिल्ली । डेस्क: स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सल' (इंटेलेक्चुअल नक्सल) शब्द को लेकर देश में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के इस बयान को उनकी "बौखलाहट और निराशा का स्पष्ट संकेत" करार देते हुए उन पर निशाना साधा है.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले अपने विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' कहते थे और अब 'दिमागी नक्सल' कहकर संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह अलग बात है कि अंततः प्रधानमंत्री वही नीतियां या मांगें लागू करते हैं जिनकी मांग ये समूह करते हैं.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में देश से सशस्त्र नक्सलवाद के खातमे की सराहना की थी, लेकिन साथ ही सचेत भी किया था. पीएम मोदी ने कहा था कि जंगलों से सशस्त्र नक्सली तो खत्म हो चुके हैं, लेकिन 'दिमागी नक्सल' अब भी समाज में हिंसा और अशांति फैलाने के मौकों की तलाश में हैं.
उन्होंने ऐसे वैचारिक तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने का आह्वान किया था.
कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई है. राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की राजनीतिक शब्दावली में 'आंदोलनजीवी' और 'अर्बन नक्सल' के बाद अब एक और नया शब्द जोड़ दिया है. वहीं जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री को सलाह दी कि वे देशभर में भ्रमण करके स्वयं ऐसे तत्वों की पहचान करें.