Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'समझौतावादी पीएम' करार दिया और कहा कि उनमें देश के नागरिकों की जान लेने वालों के खिलाफ खड़े होने का साहस और ताकत नहीं है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि पिछले तीन दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तीन जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की जान जा चुकी है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला.
उन्होंने अगले हफ्ते होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे नाविकों की हत्या के ठीक कुछ दिनों बाद मोदी जी वहां मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे, लेकिन उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास बोलने के लिए कोई शब्द नहीं होगा.
<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं। <br><br>जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।<br><br>अगले हफ्ते G7 में,…</p>— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://x.com/RahulGandhi/status/2065352658509025504?ref_src=twsrc%5Etfw">June 12, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने भी अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई को "लापरवाह" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और सरकार से जवाबदेही तय करने के लिए सभी जरूरी राजनयिक कदम उठाने की मांग की है.
कांग्रेस का कहना है कि पीएम मोदी जो लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को एक राजनयिक उपलब्धि के रूप में पेश करते रहे हैं, वे अब इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते जब यही संबंध भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा करने में नाकाम साबित हुए हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले चार दिनों में भारतीय चालक दल वाले तीन मर्चेंट जहाजों मैरीवेक्स, सेटेबेलो और जलवीर पर अमेरिकी नौसेना द्वारा हमले किए गए हैं. इनमें से 10 जून को 'सेटेबेलो' नाम के टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई.
भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब किया है और उन्हें एक कड़ा विरोध पत्र (डेमार्शे) सौंपा है.
विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि भारतीय नागरिकों और जहाजों पर होने वाले ये हमले तुरंत रुकने चाहिए. दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि इन जहाजों ने ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था और निर्देश न मानने पर यह कार्रवाई की गई.