बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए चीन पसंदीदा औद्योगिक ठिकाना
बीजिंग । डेस्क: चीन के मीडिया का दावा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक बदलावों के बावजूद, दुनिया की बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन में अपनी मौजूदगी को न केवल बरकरार रखे हुए हैं, बल्कि उसे और अधिक विस्तार देने में जुटी हैं. हालिया रिपोर्टों और आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि चीन की सुदृढ़ औद्योगिक श्रृंखला, विशाल घरेलू बाजार और विदेशी निवेश के प्रति सहायक नीतिगत माहौल एक ऐसा संयोजन पेश करते हैं, जिसका मुकाबला करना फिलहाल वैश्विक स्तर पर किसी अन्य देश के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
शियान और यांगलिंग जैसे औद्योगिक केंद्रों से आ रही खबरें इस बात की तस्दीक करती हैं कि कंपनियां अब चीन को केवल एक बिक्री बाजार के रूप में नहीं, बल्कि अपने वैश्विक उत्पादन ढांचे के एक अनिवार्य हिस्से के रूप में देख रही हैं.
उदाहरण के तौर पर, कनाडा की दिग्गज कंपनी मैक्केन फूड्स ने चीन में अपने 30 वर्षों के सफर के दौरान बीज उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और वितरण तक की एक पूरी श्रृंखला विकसित कर ली है.
शांक्सी प्रांत के यांगलिंग में कंपनी की नई उत्पादन इकाई, जिसे 'सुदु' (गति) नाम दिया गया है, स्थानीय व्यापारिक सुगमता का एक बड़ा प्रमाण है. मैक्केन ने अब तक चीन में एक लाख से अधिक रोजगार पैदा किए हैं और लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि को आधुनिक बनाने में मदद की है.
यह रुझान केवल कृषि या खाद्य प्रसंस्करण तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च-तकनीक और विनिर्माण क्षेत्रों में भी गहराई से दिखाई दे रहा है.
दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शियान स्थित मेमोरी-चिप प्लांट अब कंपनी के कुल एनएएनडी फ्लैश उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा संभालता है. पिछले एक साल में सैमसंग ने इस प्लांट में अपने निवेश को लगभग 67.5 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जिससे न केवल चिप उत्पादन बढ़ा है, बल्कि डिजाइन, पैकेजिंग और परीक्षण से जुड़ा एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र वहां विकसित हो गया है.
इसी तरह, विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एयरबस ने तियानजिन में अपनी दूसरी असेंबली लाइन शुरू की है, जो यह संकेत देती है कि चीन अब वैश्विक विमानन आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है.
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की औद्योगिक एकीकरण क्षमता वैश्विक स्तर पर अपूरणीय है और वहां का स्थिर कारोबारी माहौल विदेशी निवेशकों को लंबे समय तक टिके रहने का भरोसा देता है.
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़े भी इस सकारात्मक रुख का समर्थन करते हैं. वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में ही चीन में 8,600 से अधिक नए विदेशी निवेश वाले उद्यम स्थापित हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं. विशेष रूप से उच्च-तकनीक वाले उद्योगों में विदेशी निवेश में 20 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया है.
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के अनुसार, देश आने वाले वर्षों में सेवा क्षेत्र को और अधिक खोलने तथा विदेशी कंपनियों को क्षेत्रीय मुख्यालय और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने की तैयारी में है.
विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश पर लगे प्रतिबंधों को पहले ही पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे वैश्विक कंपनियों के लिए स्थानीय औद्योगिक श्रृंखलाओं के साथ जुड़ना और आसान हो गया है.
कुल मिलाकर, बाहरी शोर और आर्थिक चुनौतियों के बीच, बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन से पीछे हटने के बजाय अपनी जड़ों को और गहरा कर रही हैं. वे चीन को केवल एक गंतव्य नहीं, बल्कि नवाचार और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक रणनीतिक आधार मान रही हैं, जो उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाने में मदद करता है.