छत्तीसगढ़: कोरबा में दिखा दुर्लभ उड़ने वाली गिलहरी
छत्तीसगढ़: कोरबा में दिखा दुर्लभ उड़ने वाला गिलहरी
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के व्यस्ततम रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र ट्रांसपोर्ट नगर में एक दुर्लभ 'उड़ने वाली गिलहरी' मिलने से सनसनी फैल गई. जिले में पहली बार देखे गए इस अनोखे जीव को देखने के लिए स्थानीय लोगों और ट्रक ड्राइवरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
यह दुर्लभ गिलहरी इलाके में खड़े एक ट्रक में छिपी हुई थी, जिसे सबसे पहले वहां मौजूद ट्रक ड्राइवरों ने देखा. जीव की अजीब शारीरिक बनावट को देखकर लोग उसे पहचान नहीं पाए, जिसके बाद इसकी सूचना तुरंत वन विभाग की वन्यजीव संरक्षण टीम को दी गई.
मौके पर पहुँची टीम ने पुष्टि की कि यह एक उड़ने वाली गिलहरी है. विशेषज्ञों की निगरानी में गिलहरी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उसे सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास यानी घने जंगल में छोड़ दिया गया. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस जीव का शहरी क्षेत्र में मिलना दुर्लभ घटना है.
दरअसल, उड़ने वाली गिलहरी वास्तव में पक्षियों की तरह उड़ती नहीं है, बल्कि अपने शरीर के अंगों के बीच खिंची हुई त्वचा की झिल्ली, जिसे 'पेटाजियम' कहते हैं, की मदद से एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक हवा में ग्लाइड करती है.
यह जीव मुख्य रूप से निशाचरी होता है, जिसका अर्थ है कि यह रात के समय सबसे अधिक सक्रिय रहता है. इनकी बड़ी-बड़ी आंखें इन्हें अंधेरे में देखने में मदद करती हैं.
ये आमतौर पर घने और पुराने जंगलों में ऊंचे पेड़ों पर रहते हैं और फल, फूल, छाल व कीड़े-मकोड़े खाकर जीवित रहते हैं. भारत में इनकी कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 'जायंट फ्लाइंग स्क्विरेल' प्रमुख है. वनों की कटाई और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने के कारण अब इनका रिहायशी इलाकों के करीब दिखना एक दुर्लभ और चिंताजनक संकेत माना जाता है.