नन गिरफ्तारी: संग परिवार की असली मंशा उजागर- सीएम विजयन
तिरुवनंतपुरम । डेस्क: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने छत्तीसगढ़ में ननों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है और इसे संग परिवारी की असली प्रकृति का स्पष्ट रंग बताया है. उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा दायर की गई झूठी शिकायत पर आधारित थी.
विजयन ने कहा, "यह ईसाई समुदाय के खिलाफ संग परिवार के निरंतर हमलों का एक और उदाहरण है. जो लोग मुस्कान के साथ ईसाई घरों और पैरिश हाउस में जाते हैं, वही लोग अब ननों को धार्मिक रूपांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाकर निशाना बनाते हैं."
उन्होंने आगे कहा कि संग परिवार को देश की विविधता और सह-अस्तित्व की संस्कृति से डर है, यही कारण है कि अल्पसंख्यकों पर हमले लगातार हो रहे हैं.
विजयन ने कहा, "मलयाली ननों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर न्याय सुनिश्चित करने के लिये तत्काल कार्रवाई की मांग की. हालांकि, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भी इस गिरफ्तारी का बचाव किया."
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संग परिवार लगातार नफरत और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देकर राष्ट्र की धर्मनिरपेक्षता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा, "अल्पसंख्यकों के अधिकारों और संविधान द्वारा गारंटीकृत मौलिक अधिकारों पर अतिक्रमण के सभी प्रयासों का कड़ा विरोध और पराजय करना आवश्यक है."
रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को रेलवे पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से सिस्टर वंदना फ्रांसिस और सिस्टर प्रीति मैरी को मानव तस्करी (भारतीय न्याय संहिता की धारा 143) और धार्मिक रूपांतरण (छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 की धारा 4) के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन्हें 8 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी विश्व हिंदू परिषद के आक्रामक युवा विंग बजरंग दल के सदस्यों द्वारा स्टेशन पर किये गये विरोध प्रदर्शन के बाद हुई. उन्होंने ननों पर मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया.