छत्तीसगढ़, गोवा मंत्रिमंडल विस्तार ने अन्य राज्यों में बढ़ाई हलचल
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ और गोवा में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार ने राजस्थान, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे अन्य बीजेपी शासित राज्यों में मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीदों को हवा दी है. इन राज्यों में व्यापक प्रतिनिधित्व और रिक्त पदों को भरने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा जोरों पर है.
छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने तीन नए मंत्रियों को शामिल किया. दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक खुशवंत साहब ने मंत्री पद की शपथ ली. यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ में 14 मंत्रियों की नियुक्ति हुई है. 90 सदस्यीय विधानसभा में नियम के अनुसार मुख्यमंत्री सहित 13 मंत्री ही नियुक्त किए जा सकते हैं, लेकिन हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी मंत्रियों की संख्या 14 कर दी गई.
गोवा में प्रमोद सावंत सरकार ने दो वरिष्ठ बीजेपी नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और रमेश तावड़कर को मंत्रिमंडल में शामिल किया. दोनों नेता दक्षिण गोवा से हैं, और उनकी नियुक्ति को क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
इन दो राज्यों में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब राजस्थान, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के कदम उठाए जाने की चर्चा है.
राजस्थान में भजन लाल शर्मा सरकार छह नए मंत्रियों को शामिल करने पर विचार कर रही है ताकि राज्य के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जा सके.
ओडिशा में संगठनात्मक नियुक्तियों और सरकारी आयोगों में नियुक्तियों के बाद जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना है.
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के दिल्ली दौरे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो जाती हैं.
उत्तर प्रदेश में कई रिक्त पदों के कारण मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हमेशा बनी रहती है, लेकिन पार्टी पहले नए राज्य अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी.