सर्वर डाउन होने से छत्तीसगढ़ में रसोई गैस का संकट
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में रसोई गैस (LPG) वितरण प्रणाली पिछले कुछ दिनों से एक बड़े तकनीकी संकट से जूझ रही है. राज्य भर में ऑनलाइन बुकिंग सर्वर डाउन होने के कारण हजारों उपभोक्ता परेशान हैं. डिजिटल सेवाएं और मिस-कॉल बुकिंग सुविधाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को न तो समय पर सिलेंडर मिल पा रहे हैं और न ही वे नए ऑर्डर बुक कर पा रहे हैं.
पहले जो सिलेंडर 24 से 48 घंटों में घर पहुंच जाते थे, अब उनके लिए लोगों को एक सप्ताह से अधिक का इंतजार करना पड़ रहा है. गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर मैनुअल बुकिंग के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
इस तकनीकी खराबी का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर कालाबाजारी और अवैध भंडारण की खबरें भी सामने आई हैं.
इसके जवाब में खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने प्रदेश स्तर पर छापेमारी अभियान तेज कर दिया है.
अधिकारियों ने अब तक 450 से अधिक अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं, जिनका उपयोग बिना परमिट के व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था.
इस बीच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनता से पैनिक न करने की अपील की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से आश्वस्त किया कि राज्य में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.
सिलेंडर संकट का सीधा असर बाजार पर भी पड़ा है.
वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लोग इंडक्शन कुकटॉप की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इनकी मांग अचानक बढ़ गई है. दुकानदारों ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है.
विधानसभा में भी इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ, जहां कांग्रेस विधायकों ने रसोई गैस की भारी कमी पर चर्चा की मांग की.
हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए चर्चा की अनुमति नहीं दी कि एलपीजी वितरण का मामला केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. फिलहाल तकनीकी टीमें सर्वर को ठीक करने में जुटी हैं ताकि वितरण व्यवस्था सामान्य हो सके.