बिलासपुर कांस्टेबल ने लड़कियों को बंधक बनाया आरोप
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल पर दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों को बंधक बनाकर घरेलू काम करवाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. जशपुर जिले की रहने वाली 13 और 16 साल की इन लड़कियों को शिक्षा का वादा करके बिलासपुर लाया गया था, लेकिन उन्हें पुलिस क्वार्टर में रखकर कथित तौर पर जबरन घरेलू काम करने के लिए मजबूर किया गया.
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने बताया कि लड़कियों ने शिकायत की है कि उन्हें उनके रिश्तेदार, कांस्टेबल अरुण लकड़ा के घर में रखा गया था.
वहां उन्हें झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोने और अन्य घरेलू काम करने पड़ते थे. गलती होने या काम से इनकार करने पर मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ता था.
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले में बाल तस्करी के पहलू से भी जांच की जा रही है.
लड़कियों ने बताया कि नियमित मारपीट से तंग आकर वे 20 जुलाई को कांस्टेबल के घर से भाग निकलीं.
वे जशपुर जाने के लिए बस पकड़ना चाहती थीं, लेकिन रास्ता भटक गईं और रोते हुए सड़क पर मिलीं.
स्थानीय लोगों की सूचना पर एक महिला पुलिस अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी मदद की और उन्हें सखी सेंटर में स्थानांतरित किया गया.
पुलिस अधीक्षक सिंह ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या लड़कियों को कभी स्कूल भेजा गया था.
उनके माता-पिता को बिलासपुर बुलाया गया है. दूसरी ओर, कांस्टेबल अरुण लकड़ा ने दावा किया कि उन्होंने लड़कियों को उनके पिता के अनुरोध पर पढ़ाई के लिये बिलासपुर लाया था और उनके साथ कोई दुर्व्यवहार या जबरन काम नहीं करवाया गया.
पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.