छत्तीसगढ़ के बस्तर में अति कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ी
छत्तीसगढ़ के बस्तर में अति कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ी है
बस्तर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अति कुपोषित बच्चों (0 से 6 वर्ष तक)की संख्या में पिछले एक साल में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साल 2024-25 में बस्तर संभाग के 7 जिलों में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 10,625 थी जो साल 2025-26 में बढ़कर 11,064 हो गई है. जबकि केन्द्र एवं राज्य द्वारा कुपोषण के खिलाफ कई योजनायें क्रियान्वित की जा रही है तथा करोड़ों खर्च किये जा रहें हैं.
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बस्तर संभाग के बस्तर जिले में पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1990 थी जो बढ़कर 2224 की हो गई है. इसी तरह से बीजापुर जिले में पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1806 थी जो बढ़कर 2040 की हो गई है. कोंडागांव जिले में पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1318 थी जो बढ़कर 1518 की हो गई है. कांकेर जिले में भी पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1318 थी जो बढ़कर 1390 की हो गई है.
जबकि दंतेवाड़ा जिले में पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1196 थी जो घटकर 1105 की हो गई है. और, नारायणपुर जिले में पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 813 थी जो घटकर 713 की हो गई है. साथ ही, सुकमा जिले में पिछले साल अति कुपोषित बच्चों की संख्या 2107 थी जो घटकर 2074 की हो गई है.
जहां तक बात कुपोषित बच्चों की है बस्तर संभाग में साल 2024-25 में यह संख्या 49,606 थी वो घटकर 48,559 की हो गई है.
गौरतलब है कि साल 2024-25 में कुपोषण मुक्ति अभियान के तहत 3 करोड़ 79 लाख 11 हजार 932 रुपये खर्च किये गये थे. जबकि साल 2025-26 में 10 फरवरी तक इसी योजना में 1 करोड़ 87 लाख 29 हजार 144 रुपये खर्च किये गये हैं.
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