जनगणना 2027: पहले दिन 55,000 परिवारों ने किया स्व-गणना
नई दिल्ली । डेस्क: देश की पहली डिजिटल जनगणना के ऐतिहासिक आगाज के साथ ही पहले दिन लगभग 55,000 परिवारों ने सेल्फ-एन्युमरेशन पोर्टल का उपयोग कर अपनी जानकारी दर्ज की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पोर्टल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उन शुरुआती लोगों में शामिल रहे जिन्होंने पहले चरण के 'हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस' (HLO) के तहत 33 सवालों के जवाब दिए.
यह पहली बार है जब भारत में जनगणना के लिए नागरिकों को खुद से विवरण भरने की सुविधा दी गई है. वर्तमान में यह प्रक्रिया आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में शुरू की गई है.
पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने वाले परिवारों को एक विशिष्ट 'सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी' (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे 15 दिन बाद घर-घर आने वाले प्रगणकों (Enumerators) के साथ साझा करना होगा.
गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह पोर्टल 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और एक मोबाइल नंबर से केवल एक परिवार का पंजीकरण किया जा सकता है.
2011 के बाद हो रही इस बहुप्रतीक्षित जनगणना में पहली बार जातिगत डेटा भी जुटाया जाएगा. पहले चरण में आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है.
लद्दाख और अन्य बर्फबारी वाले क्षेत्रों को छोड़कर, बाकी राज्यों के लिए जनसंख्या गणना का दूसरा चरण, जिसमें धर्म और जाति जैसे व्यक्तिगत विवरण पूछे जाएंगे, फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी डेटा पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेगा.