भोपाल: टेस्टिकल्स बेचने की झूठी रील के चक्कर में 16 साल के किशोर की हत्या
भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर फैली एक झूठी अफवाह ने 16 साल के मासूम की जान ले ली. इंस्टाग्राम रील पर इंसानी अंगों (टेस्टिकल्स) की खाड़ी देशों में 1.5 करोड़ रुपये तक कीमत मिलने का दावा देखकर 20 साल के एक छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि भोपाल के इकबाल मैदान के पास पेन और की-रिंग बेचने वाले 16 वर्षीय किशोर को 6 अगस्त के दिन दो नाबालिग आरोपी किसी विवाद में मदद के बहाने खटलापुरा की तरफ बहला-फुसलाकर ले गए.
धोबी घाट के पास सुनसान जगह पर किशोर को ले जाकर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई और उसके बाद एक ब्लेड से उसके शरीर से टेस्टिकल्स अलग कर दिए गए. वारदात के बाद आरोपियों ने शव को लोअर लेक में फेंक दिया, जिसे 10 अगस्त को बदबू आने पर बरामद किया गया. 15 अगस्त को हाथ पर बने टैटू के आधार पर मृतक की पहचान हो सकी.
इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड 20 वर्षीय बीबीए छात्र जोहेब खान है. जोहेब ने खुद को मेडिकल स्टूडेंट और डॉक्टर साबित करने के लिए ऑनलाइन डॉक्टर का एप्रन, स्टेथोस्कोप और थर्मोमीटर ऑर्डर किया था. हत्या और अंग निकालने की पूरी प्रक्रिया के दौरान वह वीडियो कॉल के जरिए दूसरे आरोपियों को निर्देश दे रहा था.
हत्या के बाद कटे हुए अंगों को दो दिनों तक बर्फ में रखकर छत पर छिपाया गया और खरीदार तलाशने की कोशिश की गई. जब कोई खरीदार नहीं मिला और अंग खराब होने लगे, तो मास्टरमाइंड के कहने पर आरोपियों ने उन्हें अपर लेक और लोअर लेक में फेंक दिया.
मामले की जांच कर रहे एसीपी संतोष पटेल के अनुसार, आरोपियों ने इस वारदात से पहले भी दो लड़कों को निशाना बनाने की असफल कोशिश की थी. पुलिस की गोताखोर टीम अब झीलों में फेंके गए अंगों की तलाश कर रही है.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सोशल मीडिया की एक झूठी रील और अफवाह के आधार पर किया गया अपराध है. अब तक की जांच में किसी संगठित अंग-तस्करी रैकेट का कोई सबूत नहीं मिला है. पुलिस ने मुख्य आरोपी के पास से डॉक्टर का सामान जब्त कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.