बांग्लादेश रोहिंग्या को नहीं लेगा
बांग्लादेश रोहिंग्या को वापस नहीं लेगा
नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश के गृह सलाहकार जाहांगीर आलम चौधरी ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश भारत में रह रहे किसी भी रोहिंग्या शरणार्थी को वापस नहीं लेगा. उन्होंने भारत पर रोहिंग्या को जबरन बांग्लादेश भेजने का आरोप लगाया.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहा है, तो उसे उचित प्रक्रिया के तहत वापस लाया जायेगा.
जाहांगीर आलम चौधरी ने नारायणगंज में पुलिस लाइंस, सिद्धिरगंज में रैपिड एक्शन बटालियन (RAB-11) कार्यालय और जालकुड़ी में बीजीबी-62 बटालियन कार्यालय का दौरा किया. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया.
उन्होंने जुलाई में हुए जन-आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान कई मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को जानबूझकर आरोपी बनाया गया था, जिसके कारण मुकदमों की जांच में देरी हो रही है.
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान न करने के लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
आगामी चुनावों के बारे में बात करते हुए गृह सलाहकार ने कहा, "हमारा लक्ष्य अगला चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराना है. इसके लिये देशभर में अवैध हथियारों, विशेष रूप से आंदोलन के दौरान लूटे गये हथियारों को बरामद करने के लिए कानून-व्यवस्था बनाये रखने वाली एजेंसियां सक्रिय हैं."
कौन हैं रोहिंग्या
रोहिंग्या 13 लाख की आबादी वाला एक मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय है. रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन प्रांत में केंद्रित एक मुस्लिम जातीय अल्पसंख्यक समुदाय है. वे राज्यविहीन हैं और म्यांमार सरकार द्वारा नागरिकता से वंचित किये गये हैं. जिसके कारण उन्हें बुनियादी अधिकारों और सुरक्षा से वंचित किया जाता है. रोहिंग्या लोग सदियों से म्यांमार में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें म्यांमार की आधिकारिक जातीय समूहों में शामिल नहीं किया गया है.
म्यांमार सरकार ने 1982 में रोहिंग्या लोगों को नागरिकता से वंचित कर दिया, जिससे वे राज्यविहीन हो गये हैं. रोहिंग्या लोगों को म्यांमार में भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, जिसमें स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक पहुंच की कमी, मनमानी गिरफ्तारी और गैरकानूनी हत्यायें शामिल हैं. 2017 में म्यांमार सेना द्वारा रोहिंग्या लोगों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बाद, लाखों रोहिंग्या बांग्लादेश और अन्य देशों में भाग गये, जिससे एक बड़ा शरणार्थी संकट पैदा हो गया.