वेनेजुएला पर हमला अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद है- M A Baby
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के दावे की भारत की वामपंथी पार्टियों ने तीखी निंदा की है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) ने इसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन और संप्रभु राष्ट्र पर सीधा हमला बताया है.
सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव डी राजा ने अमेरिकी कार्रवाई को “अंधाधुंध और आपराधिक सैन्य आक्रामकता” करार दिया. उन्होंने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता तथा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सार्वभौमिक सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है. डी राजा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई न केवल अवैध है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा है.
डी राजा ने यह भी कहा कि सीपीआई वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला को अपने विकास का रास्ता खुद चुनने का पूरा अधिकार है और किसी भी बाहरी ताकत को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई हक नहीं है. सीपीआई महासचिव ने जोर देकर कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों से दुनिया को एक खतरनाक दिशा में धकेला जा रहा है.
सीपीआई(एम) के महासचिव एम.ए. बेबी ने अमेरिकी हमले को “नग्न आक्रमण” बताया. उन्होंने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का अंधा उल्लंघन है. एम.ए. बेबी ने 2002 में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ के खिलाफ हुए असफल तख्तापलट का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी अमेरिकी समर्थन से किया गया प्रयास था, जो नाकाम रहा था. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा अमेरिकी हमले भी अंततः उसी तरह विफल होंगे.
एम.ए. बेबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला “अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद” है. उन्होंने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और प्रथम महिला सिलिया फ्लोरेस को पकड़े जाने के अमेरिकी दावे को “अपहरण” करार दिया. साथ ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर भारत सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए इसे “संदिग्ध” बताया.
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) के महासचिव जी. देवराजन ने भी अमेरिकी हमलों की “बिना किसी शर्त” निंदा की. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास किसी भी संप्रभु देश पर किसी भी बहाने से हमला करने का न तो नैतिक, न कानूनी और न ही राजनीतिक अधिकार है. देवराजन ने संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यूएन को अमेरिकी आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए, सभी सैन्य कार्रवाइयों को रुकवाना चाहिए और वेनेजुएला के राष्ट्रपति की सुरक्षा और जीवन सुनिश्चित करना चाहिए.
वाम दलों के इन बयानों से साफ है कि अमेरिका की कार्रवाई को भारत के वामपंथी राजनीतिक दल न केवल अवैध मान रहे हैं, बल्कि इसे वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरे के रूप में देख रहे हैं. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर ऐसे सैन्य हस्तक्षेपों का विरोध करना चाहिए, ताकि किसी भी संप्रभु देश की स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा हो सके.