शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

एशिया का 'मिनी नियाग्रा' चित्रकोट वाटरफॉल सूखने के कगार पर

C

CG Khabar

14 मार्च 2026, 01:51 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

चित्रकोट वाटरफॉल
चित्रकोट वाटरफॉल

बस्तर । संवादाता: बस्तर की पहचान और देश के सबसे चौड़े जलप्रपात चित्रकोट की सेहत इस साल चिंताजनक बनी हुई है. अभी मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है और इंद्रावती नदी का जलस्तर इतनी तेजी से गिरा है कि जलप्रपात की विशाल दूधिया चादर अब महज कुछ पतली धाराओं में सिमट गई है.


आमतौर पर चित्रकोट मे पूरे साल भर पानी रहता था लेकिन हाल के कुछ वर्षों में यह सूखने लगा है. लेकिन इस साल तो यह मार्च में ही सूखने की कगार पर पहुंच गया है.


वेंटिलेटर पर नजर आ रहा चित्रकोट जलप्रपात


दरअसल मध्य प्रदेश शासनकाल में ओडिशा की सरकार के साथ समझौता हुआ था कि 50-50 प्रतिशत इंद्रावती का पानी ओडिशा और छत्तीसगढ़ को मिलेगा. लेकिन अफसोस वो करार आज भी फाइलों में धूल फांक रहा है. इस नदी को बचाने इंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन भी हुआ, लेकिन इस प्राधिकरण का काम कागजो में ही सिमट कर रह गया.


अब आलम यह है कि इंद्रावती नदी का जलस्तर घटने के साथ चित्रकोट वॉटरफॉल भी पूरी तरह से सूख रहा है.


देश में मिनी नियाग्रा के नाम से मशहूर चित्रकोट वॉटरफॉल वेंटिलेटर पर नजर आ रहा है. जिसके चलते पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं. चित्रकोट वाटरफॉल के आसपास स्थानीय फुटकर व्यापारी रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चित्रकोट वाटरफॉल में पानी नहीं तो बस्तर में पर्यटक नहीं.


कुछ साल पहले गर्मी के मौसम में भी चित्रकोट वाटरफॉल पर्यटकों से गुलज़ार हुआ करता था. बड़ी संख्या में गर्मी की छुट्टी मनाने पर्यटक चित्रकोट घूमने आते थे. अब हालात यह है कि लगातार पिछले कुछ महीनों से पर्यटकों की संख्या घट रही है और तेजी से वॉटरफॉल का पानी सूखते जा रहा है.


बैराज बनने के बाद घटते जलस्तर की समस्या से मिलेगा निजात


इस मामले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता वेद प्रकाश पांडे का कहना है कि इंद्रावती नदी में तीन बैराज प्रस्तावित है जल्द ही इस पर काम शुरू होने वाला है. इन बैराज के बनने से इंद्रावती नदी में घटते जलस्तर की समस्या से निजात मिल पाएगी. 


फिलहाल उड़ीसा सरकार के साथ जो करार हुआ है उसके तहत विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत जारी है.


वर्तमान में नदी का जलस्तर कम हुआ है लेकिन जल्द ही उड़ीसा के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर दोनो सरकारों के बीच हुए करार के मुताबिक पानी देने की बात कही जाएगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP