दिल्ली तक पसर सकता है थार का रेगिस्तान- सचिन पायलट
जयपुर । डेस्क: वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार द्वारा अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में किए गए बदलावों पर कड़ा विरोध जताते हुए एक बड़ी पारिस्थितिक चेतावनी दी है. जयपुर में एनएसयूआई के 'सेव अरावली' मार्च में शामिल हुए पायलट ने कहा कि यदि अरावली का संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में थार रेगिस्तान का विस्तार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक हो सकता है.
पायलट ने भारतीय वन सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि नई परिभाषा के तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली लगभग 1.18 लाख पहाड़ियों को सुरक्षा घेरे से बाहर कर दिया जाएगा, जिससे अरावली का करीब 90% हिस्सा असुरक्षित हो जाएगा.
उन्होंने सरकार के उन दावों को 'भ्रामक' करार दिया जिसमें बिना अनुमति गतिविधि न होने की बात कही गई है.
पायलट ने सवाल उठाया कि पिछले दो दशकों से प्रतिबंध के बावजूद अवैध खनन क्यों जारी है?
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और पड़ोसी राज्यों की भाजपा सरकारें अरावली को बचाने के बजाय उसे नष्ट करने की होड़ में हैं.
इस विरोध प्रदर्शन में पहली बार सचिन पायलट के बेटे भी राजनीतिक मंच पर नजर आए.