कश्मीर से जम्मू तक गूंजे पाकिस्तान विरोधी नारे, शिया मस्जिद में हुए हमले की निंदा
नई दिल्ली । डेस्क: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित एक शिया मस्जिद (इमामबाड़ा खदीजत-उल-कुबरा) में शुक्रवार को हुए भीषण आत्मघाती बम धमाके के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. शनिवार को श्रीनगर, बारामूला, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और जम्मू के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर इस बर्बर हमले की निंदा की.
इस आतंकी हमले में कम से कम 31 नमाजियों की जान चली गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
प्रदर्शनकारियों ने बारामूला के पट्टन और बांदीपोरा के शादीपोरा जैसे क्षेत्रों में 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाए. पट्टन में एक प्रदर्शनकारी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ पूरी दुनिया में मुसलमान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के भीतर ही शिया मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है.
घाटी के प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेताओं ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने इसे उम्मा (मुस्लिम समुदाय) के लिए गहरे दर्द और आत्मचिंतन का क्षण बताया.
वहीं, अंजुमन-ए-शरिया शिया के अध्यक्ष आगा सैयद हसन अल-मौसवी अल-सफवी और जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन के प्रवक्ता ने इस हमले को मानवता और इस्लाम के सिद्धांतों पर हमला करार देते हुए पाकिस्तानी हुकूमत से अपने शिया नागरिकों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई की मांग की है.
इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख मसरूर अंसारी सहित अन्य शिया धर्मगुरुओं ने भी इस हिंसा के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है.