अजित पवार विमान हादसा- जांच में उठे 5 बड़े सवाल
नई दिल्ली/बारामती । डेस्क: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर मुंबई से बारामती आ रहा चार्टर्ड लियरजेट-45 विमान मंगलवार सुबह रनवे थ्रेशहोल्ड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना के समय पुअर विज़िबिलिटी थी और विमान ने लैंडिंग से पहले दो बार प्रयास किए थे.
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने बताया कि विमान ने सुबह 8.18 बजे बारामती एटीसी से संपर्क किया था. पहली बार रनवे दिखाई न देने की बात कहकर पायलट ने गो-अराउंड किया.
इसके बाद 8.43 बजे रनवे दिखने की पुष्टि की गई और लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन इसके तुरंत बाद एटीसी ने कोई रेड-बैक या जवाब नहीं सुना. 8.44 बजे रनवे के पास आग की लपटें देखी गईं और लगभग 8.45 बजे विमान क्रैश-लैंड कर गया.
इस हादसे की जांच अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में शोक की घोषणा की है.
जांच के दौरान इस भीषण हादसे को लेकर पांच अहम सवाल सामने आए हैं-
1. अंतिम लैंडिंग क्लीयरेंस के बाद क्या हुआ?
8.43 बजे लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद पायलट की ओर से कोई रेड-बैक नहीं आया. क्या अंतिम क्षणों में कोई तकनीकी खराबी, कंट्रोल लास, या कॉकपिट आपात स्थिति पैदा हुई?
2. खराब दृश्यता में अनियंत्रित हवाई पट्टी पर लैंडिंग क्यों की गई?
बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है. पहली असफल कोशिश के बाद क्या विमान को डायवर्ट करना अधिक सुरक्षित विकल्प नहीं था?
3. अचानक रेडियो साइलेंस की वजह क्या थी?
लैंडिंग क्लीयरेंस तक नियमित संवाद हो रहा था, लेकिन उसके बाद संचार पूरी तरह बंद हो गया. क्या यह संचार विफलता, पायलट की असमर्थता या एवियोनिक्स फेल्योर था?
4. क्या विमान में यांत्रिक या इंजन फेल्योर हुआ?
रनवे थ्रेशहोल्ड पर विमान में आग लग गई. क्या इंजन फेल्योर, बर्ड हिट, ईंधन रिसाव या इलेक्ट्रिकल फायर इसका कारण बना?
5. क्या लैंडिंग अप्रोच स्थिर और मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप थी?
पहले रनवे न दिखना और फिर अचानक दिखने की रिपोर्ट - क्या अप्रोच अस्थिर थी और विमान बहुत ऊंचा या तेज़ आ गया था?
AAIB अब फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और मौसम संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है. जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक इस हादसे के असली कारण पर से पर्दा उठना बाकी है.