अजित पवार के निधन से NCP विलय की प्रक्रिया पर लगा विराम
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन ने पूरी प्रक्रिया पर पानी फेर दिया है. समाचार एजेंसी UNI ने वरिष्ठ पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि जनवरी 2025 में शरद पवार और अजित पवार गुट के बीच शुरू हुई बातचीत अब पूरी तरह ठप हो गई है.
सूत्रों के अनुसार, शरद पवार सक्रिय राजनीति से पीछे हटने और पार्टी की पूरी कमान अजित पवार को सौंपने के लिए तैयार थे.
इस समझौते के तहत अजित पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद और निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार मिलना था. बदले में, शरद पवार ने अपने खेमे के लिए रोहित पवार, जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे जैसे नेताओं के लिए महाराष्ट्र कैबिनेट में जगह और प्रदेश अध्यक्ष का पद मांगा था.
हालांकि, इस विलय के लिए भारतीय जनता पार्टी की सहमति अनिवार्य थी, क्योंकि महाराष्ट्र की महायुति सरकार और केंद्र में एनडीए का नेतृत्व भाजपा ही कर रही है.
अजित पवार को इस सिलसिले में भाजपा नेतृत्व से अंतिम दौर की बातचीत करनी थी, जो उनके निधन के कारण नहीं हो सकी.
फिलहाल शरद पवार गुट विलय को लेकर अब भी सकारात्मक है, लेकिन अजित पवार की अनुपस्थिति में उनके गुट के नेता अपने राजनीतिक भविष्य और प्रभाव को लेकर संशय में हैं, जिससे बातचीत पूरी तरह फ्रिज हो गई है.