एयर इंडिया: जांच और सुरक्षा सुधारों की घोषणा
नई दिल्ली । डेस्क : नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने शनिवार अहमदाबाद में एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई171 के दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के बाद मीडिया को संबोधित किया. इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों की याद में प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत में एक मिनट का मौन रखा गया. मंत्री ने इस हादसे की व्यापक जांच और भविष्य में विमानन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दूरदर्शी उपायों की घोषणा की.
उल्लेखनीय है कि 12 जून 2025 को, अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिये उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की उड़ान एआई171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, उड़ान भरने के मात्र एक मिनट बाद ही अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री, 2 पायलट और 10 चालक दल के सदस्य शामिल थे. इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिनमें मेघानी नगर के निवासी और होनहार युवा मेडिकल छात्र भी शामिल थे.
घटना के तुरंत बाद, नागर विमानन मंत्रालय ने अपने मुख्यालय में 24x7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया, जिसमें डीजीसीए, बीसीएएस, सीआईएसएफ और एएआई के कर्मचारी समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं. राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक समानांतर मीडिया नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया. प्रभावित परिवारों की सहायता के लिये कई हेल्पलाइन नंबर जारी किये गये हैं:
अहमदाबाद एयरपोर्ट आपातकालीन हेल्पलाइन: 9974111327
नागर विमानन मंत्रालय कंट्रोल रूम: 011-24610843 / 9650391859
एयर इंडिया पैसेंजर हेल्पलाइन: 1800-5691-444
बचाव कार्यों और सहायता की निगरानी के लिये मंत्रालय, डीजीसीए, एएआईबी, एएआई और बीसीएएस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. सरकार ने एयर इंडिया को प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिये हैं, जिनमें शामिल हैं:
तत्काल सहायता राशि का भुगतान
परिजनों के लिये भावनात्मक और तार्किक समर्थन
एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती
गैटविक, लंदन में ब्रिटिश नागरिकों के लिये समअर्पित सहायता प्रकोष्ठ
घायलों के लिये दस्तावेजीकरण, यात्रा और अस्पताल समन्वय में सहायता
मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस घटना को केवल तकनीकी जांच के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय प्राथमिकता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता दी जायेगी.
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने उसी दिन औपचारिक जांच शुरू कर दी. पांच सदस्यीय जांच टीम, जिसमें बाद में फोरेंसिक और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल किये गये, ने 13 जून को विमान के ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के साथ महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की. ब्लैक बॉक्स की डिकोडिंग से उड़ान के अंतिम क्षणों की जानकारी मिलने की उम्मीद है.
केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें नागर विमानन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, गुजरात सरकार, डीजीसीए, बीसीएएस, भारतीय वायु सेना, खुफिया ब्यूरो और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं. समिति के उद्देश्य हैं:
तकनीकी, परिचालन और नियामक पहलुओं की जांच
प्रणालीगत कमियों की पहचान
तीन महीने में समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करना
दीर्घकालिक सुधारों की सिफारिश, जैसे प्रमाणन प्रणालियां, आपातकालीन प्रोटोकॉल, चालक दल प्रशिक्षण और हवाई यातायात प्रबंधन
डीजीसीए ने एयर इंडिया को जेनएक्स इंजन वाले सभी बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. 33 ड्रीमलाइनरों में से 8 का निरीक्षण पूरा हो चुका है, और शेष का कार्य तेजी से चल रहा है. इसके साथ ही, भारत में संचालित सभी वाइड-बॉडी विमानों के रखरखाव और उड़ान योग्यता प्रक्रियाओं की निगरानी को और सख्त किया गया है.
मंत्री ने भारत की विमानन सुरक्षा के प्रति वैश्विक प्रतिष्ठा की पुष्टि की और कहा कि आईसीएओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भारत की नियामक प्रणालियों को मजबूत माना है. उन्होंने सुरक्षा और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
मंत्रालय ने जनता और मीडिया से अटकलों से बचने और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करने की अपील की. जांच के निष्कर्षों को पारदर्शी रूप से साझा किया जायेगा, और सरकार प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.