कतर के असीम मादिबो पर 5 मैचों का प्रतिबंध
नई दिल्ली । डेस्क: फीफा अनुशासन समिति ने कतर के मिडफील्डर असीम मादिबो पर 5 अंतरराष्ट्रीय मैचों का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है. वर्ल्ड कप के एक मुकाबले के दौरान मादिबो के खतरनाक टैकल के कारण कनाडा के मिडफील्डर इस्माइल कोने के पैर की हड्डी टूट गई थी. वैंकूवर में खेले गए इस मैच में कनाडा ने कतर को 6-0 से करारी शिकस्त दी थी, लेकिन इस बड़ी जीत पर कोने की गंभीर चोट का साया मंडराता रहा.
मैच के 51वें मिनट में मादिबो ने पीछे से कोने पर टैकल किया, जिसके बाद कोने मैदान पर ही दर्द से कराहने लगे. जांच में पता चला कि उनके बाएं पैर की टिबिया और फाइबुला हड्डियां टूट गई हैं, जिसके लिए उनकी तत्काल सर्जरी की गई है. इस घटना के तुरंत बाद मादिबो को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया था.
फीफा ने इस निलंबन को 'सीरियस फाउल प्ले' की श्रेणी में रखा है, हालांकि कतर फुटबॉल एसोसिएशन इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है. इस प्रतिबंध के कारण मादिबो अब टूर्नामेंट के बाकी मैचों में नहीं खेल पाएंगे. कतर को इसके बाद भी बड़ा झटका लगा, जब सिएटल में खेले गए अगले मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना ने उसे 3-1 से हरा दिया.
चोट की गंभीरता के बावजूद, जब कोने को स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने उठकर दर्शकों का अभिवादन किया. उनकी जगह मैदान पर आए नाथन सालिबा ने टीम के लिए चौथा गोल दागा और कोने की आठ नंबर की जर्सी हवा में लहराकर यह गोल अपने घायल साथी को समर्पित किया.
दूसरी ओर, मादिबो भी इस घटना से बेहद भावुक और दुखी नजर आए. मैच के बाद उन्होंने कनाडा के कोच जेसी मार्श और कतर के खेल मंत्री के साथ मिलकर अस्पताल और ड्रेसिंग रूम में कोने से मुलाकात की और निजी तौर पर माफी मांगी.
कोने ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की दुआओं के लिए आभार व्यक्त किया है, वहीं कतरी फुटबॉल एसोसिएशन ने भी कोने के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए खेल भावना की तस्वीरें साझा की हैं.
वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला बड़ा प्रतिबंध नहीं है. इससे पहले 2014 में लुइस सुआरेज पर 9 मैचों का और 1994 में इटली के माउरो तासोती पर 8 मैचों का प्रतिबंध लग चुका है.