रायपुर से यूपी भेजी जा रही 4 करोड़ की संदिग्ध नकदी जब्त, दो लोग हिरासत में
रायपुर से नागपुर होते हुए उत्तर प्रदेश भेजी जा रही करीब 4 करोड़ रुपये की बड़ी नकदी को छत्तीसगढ़ की खुर्सीपार पुलिस और क्राइम ब्रांच ने डबरापारा के पास एक पिकअप वाहन के गुप्त चैंबर से बरामद किया है. मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर आयकर विभाग की मदद से गहन पूछताछ जारी है.
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र अंतर्गत डबरापारा में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर उसमें छिपाकर रखी गई करीब 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की है. पुलिस को चकमा देने के लिए वाहन के भीतर बेहद शातिराना तरीके से एक गुप्त चैंबर तैयार किया गया था, जिसमें नोटों के बंडल ठूंस-ठूंसकर रखे गए थे.
बरामद रकम का आंकड़ा इतना बड़ा था कि पुलिस को गिनती पूरी कराने के लिए नोट गिनने वाली मशीनों का सहारा लेना पड़ा.
इस पूरी कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि यह बड़ी खेप हवाला नेटवर्क के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य भेजी जा रही थी.
हालांकि, पुलिस और आयकर विभाग की टीमें इस संदिग्ध रकम के वास्तविक मालिक, इसके मुख्य स्रोत और डिलीवरी पॉइंट का पता लगाने में जुटी हुई हैं. फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर हवाला कारोबार की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले से जुड़े हर पहलू और कागजातों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस को रविवार देर रात खुफिया सूचना मिली थी कि रायपुर के अभनपुर इलाके से एक पिकअप गाड़ी में मोटी रकम लोड की गई है, जिसे नागपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल कराया जाना है.
खबर मिलते ही डीआईजी विजय अग्रवाल ने तुरंत टीमों को अलर्ट किया. कुम्हारी टोल प्लाजा के पास पहले से तैनात पुलिस दल ने जैसे ही संदिग्ध वाहन को गुजरते देखा, उसका पीछा करना शुरू कर दिया और अंततः डबरापारा के पास घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चला रहे भावेश भाई और उसके साथी विष्णुदेव दुबे को हिरासत में ले लिया है. शुरुआती पूछताछ में दोनों ने माना है कि यह कैश रायपुर से लोड होकर यूपी ले जाया जा रहा था. मामले की संवेदनशीलता और राशि की अधिकता को देखते हुए आयकर विभाग को भी पूरी जानकारी सौंप दी गई है, जिसके बाद से दोनों संदिग्धों से बंद कमरे में पूछताछ जारी है.